प्रभु स्मरण करते समय भावों में शुद्धता का होना परम आवश्यक
आचार्य संघ सानिध्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान प्रारंभ
क्षमा एक ऐसा गुण है जो मनुष्य को महान बनाता है- महावीर प्रसाद पराणा पर्युषण पर...
मनुष्य दिखावे के चक्कर में अपने आप को इतना भटका रहा है की वापसी के रास्ते बंद हो...
जैन समाज के उत्थान और जनसेवा के लिए चातुर्मासिक आय का 30% व्यय जरूरी दिगम्बर जै...
श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर में विराजमान परम पूज्य आचार्य गुरुवर वात्...
बचपन के धार्मिक संस्कार और माता पिता के अनुशासन , आज्ञा से जीवन का निर्माण होता ...
आचार्य वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का प...
"महामंत्र का जाप करें, मोबाइल व अनुचित वेशभूषा से दूर रहकर बढ़ाएँ पुण्यार्जन"
"आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज की देशना: पांच रंगों से करें जाप, समाप्त होंगी पी...
गौरवमयी श्रमण परंपरा में परम पूज्य आचार्य श्री वर्द्धमानसागर जी महाराज का अहम यो...
आत्मा की रक्षा इंद्रियों को विषय भोगों राग द्वेष से नियंत्रित संकुचित करें साधु...