अब अवसर था तब भी महिलाओं के हितों की अनदेखी की: भजनलाल शर्मा

भाजपा महिला मोर्चा ने निकाली जन आक्रोश महिला पदयात्रा, प्रदेशभर से उमड़ा महिलाओं का हुजुम, कांग्रेस सहित विपक्ष के खिलाफ फूटा महिलाओं का आक्रोश

Apr 21, 2026 - 12:07
 0  4
अब अवसर था तब भी महिलाओं के हितों की अनदेखी की: भजनलाल शर्मा
अब अवसर था तब भी महिलाओं के हितों की अनदेखी की: भजनलाल शर्मा

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से सोमवार को जयपुर में “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” निकाली गई। पदयात्रा बीजेपी कार्यालय से शहीद स्मारक तक निकाली गई, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, कैबिनेट मंत्री मंजू बाघमार, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा, अल्का मूदंडा, सरिता गैना, सांसद मंजू शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर लेकर विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और पदयात्रा निकाली। 

आक्रोश महिला पदयात्रा से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 17 अप्रैल ऐतिहासिक दिन बनने वाला था, लेकिन ​कांग्रेस सहित विपक्ष ने इसे काला पृष्ठ बना दिया। इससे विपक्ष की मानसिकता स्पष्ट होती है। जिन लोगों ने 70 वर्षों तक शासन किया, उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। केवल वोट बैंक की राजनीति की गई। अब जब अवसर आया, तब भी महिलाओं के हितों की अनदेखी की गई। ऐसे लोगों को जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। हमारी सरकार माताओं और बहनों के कल्याण एवं उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विपक्ष परिवारवाद से ग्रसित है और उन्हें डर है कि सामान्य परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो उनका वर्चस्व समाप्त हो जाएगा। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर कार्य करती है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मातृ शक्ति के सशक्तिकरण के लिए धरातल पर कार्य हुए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, जनधन खाते और ‘लखपति दीदी’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक मजबूती प्रदान की गई है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों — धारा 370, सीएए और सेना के साहस — का भी विपक्ष ने विरोध किया। शर्मा ने कहा कि 17 अप्रैल की घटना के लिए विपक्ष को पछताना  पड़ेगा। महिलाएं जाग चुकी हैं और अपना अधिकार लेकर रहेंगी। जयपुर की सड़कों पर उमड़ा महिलाओं का जनसैलाब इसका प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाया गया नारी शक्ति अधिनियम महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास था, लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने इसका विरोध किया। इससे उनकी महिला विरोधी मानसिकता उजागर होती है। लेकिन अब देश की मातृ शक्ति सजग है, देश की आधी आबादी अपना हक लेकर रहेगी।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह केवल माताओं का नहीं, बल्कि भारत माता का अपमान है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों के विरोध में यहां बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति का मैं आभार व्यक्त करती हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व देने का संकल्प लिया था और उन्हें उनका अधिकार दिलाने का वादा किया था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के अवसर छीनने का कार्य किया। इससे बड़ी शर्म की बात नहीं हो सकती। ऐसे में इन्हें चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। क्या केवल कुछ विशेष दलों की महिलाएं ही आगे बढ़ेंगी? आम महिलाओं को भी आगे आने का पूरा अधिकार है और हमें विश्वास है कि उन्हें उनका हक अवश्य मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिला विरोधी मानसिकता रखने वालों को आइना दिखाया जाए। 5 जुलाई 2023 से हमने महिला विरोधी कांग्रेस ​के खिलाफ मोर्चा खोला था, अब उसी तर्ज पर संघर्ष की शुरुआत करने का समय आ गया। 
हम सभी यहां से संकल्प लेकर जाएं कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी प्रकार का अन्याय सहन नहीं किया जाएगा और इसका जवाब दिया जाएगा। प्रदेशभर में कांग्रेस के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।

महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" विधेयक केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि भारत की आधी आबादी का पूरा हक है। महिलाओं के इस हक को कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने दबाने का काम किया है। इससे कांग्रेसियों का महिलाओं के प्रति दोगला व्यवहार, चरित्र उजागर हो गया। संसद में यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता,तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होती… देश का लोकतंत्र और सशक्त होता।

जन आक्रोश महिला पदयात्रा से पूर्व आयोजित सम्मेलन में मंच संचालित करते हुए महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और महिलाओं के सम्मान के लिए संघर्ष किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम महिलाओं और बहनों को विश्वास दिलाया है कि उनका हक वे दिलाकर रहेंगे। राखी राठौड़ ने कहा कि "नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों ने आज यह साबित कर दिया है कि उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। दशकों तक जिस बिल को 'अटकाया, लटकाया और भटकाया' गया, उसे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी धरातल पर उतारने का संकल्प ले चुके हैं, तब विपक्ष का दोहरा चेहरा फिर से बेनकाब हो गया है। महिलाओं को सिर्फ 'वोट बैंक' समझने वाली ताकतों को अब यह जान लेना चाहिए कि देश की नारी जाग चुकी है और वह अपने सम्मान तथा राजनीतिक भागीदारी के रास्ते में आने वाले हर रोड़े का हिसाब लेगी।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री मंजू बाघमार, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा, अल्का मूदंडा, सरिता गैना, प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता स्टेफी चौहान, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा, महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी आक्रोश सम्मेलन को संबोधित किया और विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)