सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम का बड़ा एक्शन

12 साल से था फरार 20 हजार का इनामी आरोपी दिवेश मौर्य, घेरा देकर पकड़ा लूट और अपहरण के मामले में वांटेड आरोपी देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड बनकर काट रहा था फरारी

May 8, 2026 - 09:41
 0  7
सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम का बड़ा एक्शन

जयपुर । ​राजस्थान पुलिस की शाखा सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम ने कुख्यात बदमाशों और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने साल 2014 से बांसवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में लूट और अपहरण की वारदात में फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी अपराधी दिवेश मौर्य को देहरादून (उत्तराखंड) से डिटेन कर लिया है।
​    ​अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध श्री बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार डीआईजी श्रीमती राशि डोगरा डूडी और एएसपी श्रीमती नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। उप निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम को भरतपुर, मेरठ और देहरादून की ओर सूचना संकलन के लिए भेजा गया था।
​     ​टीम के सदस्य हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि बांसवाड़ा का वांछित अपराधी दिवेश मौर्य देहरादून में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा है। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सूचना को पुख्ता किया तो पता चला कि इसके हुलिये का व्यक्ति सिक्योरिटी गार्ड के रूप में देखा गया है। जिस पर टीम ने देहरादून की विभिन्न सिक्योरिटी एजेंसियों से संपर्क साधा।
स्कूल में गार्ड की ड्यूटी पर था आरोपी
​गहन जांच के बाद पता चला कि आरोपी एसआईएस सिक्योरिटी एजेंसी में कार्यरत है और वर्तमान में देहरादून के डीडी स्कूल में गार्ड के तौर पर तैनात है। पुलिस टीम ने स्थानीय गढ़ी कैंट थाना पुलिस के सहयोग से घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान दिवेश मौर्य पुत्र नंदलाल मौर्य निवासी न्यू वसंत विहार देहरादून के रूप में हुई।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
वर्ष 2014 में बांसवाड़ा निवासी एलआईसी एजेंट मनीष संचावत को बीमा कराने के बहाने बाबजी गार्डन के पास बुलाया गया था। वहां दो युवक उसकी कार में बैठे और पिस्तौल दिखाकर उसका अपहरण कर उदयपुर रोड की तरफ ले गए। आरोपियों ने उससे नकदी, पर्स और मोबाइल वगैरह लूट लिया।
    रास्ते में चिड़ियावासा के पास मौका मिलते ही मनीष संचावत कार से कूदकर भाग निकला। जांच के दौरान मौके पर मिले सामान के आधार पर आरोपियों की पहचान चिरायु गुप्ता, मोहित गुप्ता और दिवेश मौर्य के रूप में हुई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे।
   आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे। इसी कारण उनकी गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। फिलहाल दिवेश मौर्य को पकड़ लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। टीम ने आरोपी को बांसवाड़ा कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जहां उससे अन्य वारदातों और साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
*सराहनीय भूमिका
​इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार (881), कुलदीप सिंह (258) और कांस्टेबल सोहनदेव यादव (890) की विशेष भूमिका रही।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)