“एक सज्जन – एक सहजन” अभियान
यथार्थ बोर्ड फाउंडेशन के तत्वाधान में ‘स्वस्थ गांव – स्वस्थ भारत’ संकल्प के साथ मालवा क्षेत्र के प्रत्येक जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में एक अभिनव एवं जनकल्याणकारी अभियान "एक सज्जन - एक सहजन" प्रारंभ
उज्जैन/मध्यप्रदेश - यथार्थ बोर्ड फाउंडेशन के तत्वाधान में ‘स्वस्थ गांव – स्वस्थ भारत’ संकल्प के साथ मालवा क्षेत्र के प्रत्येक जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में एक अभिनव एवं जनकल्याणकारी अभियान "एक सज्जन - एक सहजन" प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख औषधीय सहजन (Drumstick / Moringa) पौधों का रोपण किया जाएगा।
आचार्य रवि जो सहजन पर विगत 5 वर्षों से कार्य कर रहे है तथा वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उनसे हुई चर्चा में उन्होंने बताया गया कि
इस अभियान की आवश्यकता
आज के दौर में बढ़ती भागदौड़, अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान एवं प्रदूषित वातावरण ने स्वास्थ्य को जो गंभीर संकट में डाल दिया है। चाहे घर हो या कार्यस्थल, व्यक्ति चाहकर भी अपने स्वास्थ्य की ठीक से देखभाल नहीं कर पा रहा है, जिसका असर न केवल उसके शरीर पर, बल्कि पूरे परिवार के मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन पर भी पड़ रहा है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, यथार्थ बोर्ड फाउंडेशन ने यह ठाना है कि हर गांव के हर घर तक औषधीय पौधा पहुंचे — जिससे लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग हों और प्रकृति से पुनः जुड़ सकें तथा इस अभियान का लाभ सीधे तौर पर ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगा। महिलाएं घर के आसपास सहजन का उपयोग भोजन में कर सकती हैं, जिससे परिवार को प्राकृतिक पोषण मिलेगा। बच्चों को विटामिन्स युक्त भोजन मिलेगा और बुजुर्गों को अनेक बीमारियों से राहत मिलेगी।
पर्यावरण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी और हरे-भरे गांवों की ओर एक ठोस कदम बढ़ेगा। साथ ही एक आत्मीय आग्रह है कि यथार्थ बोर्ड फाउंडेशन के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में समस्त ग्रामीण नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों एवं प्रशासन से आह्वान करता है कि इस जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण अभियान में सहभागी बनें। हर गांव, हर घर तक यह संदेश पहुंचे कि –
"एक सज्जन – एक सहजन : स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण की सुरक्षा का प्रतीक है।"
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