धर्म समाज

आत्मा का आत्म अवलोकन कर : ऊर्जयंत सागर जी

पुष्पदंत भगवान की आराधना से कल्याण संभव :

“मिले सुर मेरा तुम्हारा : धार्मिक अंताक्षरी” का आयोजन

राधा निकुंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के उपलक्...

चित्त में कोमलता और व्यवहार में नम्रता होना मार्दव धर्म...

दशलक्षण धर्म में उत्तम मार्दव धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई

अहंकार के पतन से मनुष्य को लक्ष्य की प्राप्ति : ऊर्जयंत...

वर्तमान में मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या उसका अहंकार

विनय गुण मोक्ष का द्वार : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

कोमलता ,निर्मलता ,विनय उत्तम मार्दव धर्म है।मान जहर हैं, नम्रता,सरलता अमृत हैं

आत्म अवलोकन का शुभारंभ क्षमा से :ऊर्जयंत सागर जी

प्रभु स्मरण करते समय भावों में शुद्धता का होना परम आवश्यक

दसलक्षण महापर्व अध्यात्मिक उन्नति का पर्व : आचार्य श्र...

आचार्य संघ सानिध्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान प्रारंभ

निवाई में दशलक्षण धर्म की आराधना का शुभारंभ

क्षमा एक ऐसा गुण है जो मनुष्य को महान बनाता है- महावीर प्रसाद पराणा पर्युषण पर...

कृष्णमय हो उठी छोटीकाशी

हर ओर कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाया रहा

अमीर बनना आसान, अमीर दिखना महंगा : उपाध्याय ऊर्जयंत सागर

मनुष्य दिखावे के चक्कर में अपने आप को इतना भटका रहा है की वापसी के रास्ते बंद हो...

चातुर्मास धर्मार्जन का जनकल्याण में सदुपयोग आवश्यक: विव...

जैन समाज के उत्थान और जनसेवा के लिए चातुर्मासिक आय का 30% व्यय जरूरी दिगम्बर जै...

धर्म का मार्ग गुरु ही प्रशस्त करते हैं जीवन में: उपाध्य...

श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर में विराजमान परम पूज्य आचार्य गुरुवर वात्...

टोंक नगर में बह रही धर्म रूपी ज्ञान की गंगा

बचपन के धार्मिक संस्कार और माता पिता के अनुशासन , आज्ञा से जीवन का निर्माण होता ...

क्रोध और बैर से दुख का चक्र अनंत, क्षमा ही आत्मा का सच्...

आचार्य वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का प...

निवाई में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव धूमधाम से...

भक्ति पूर्वक चढ़ाया निर्वाण लाडू

"मंदिर में शालीन वेशभूषा और अनुशासन अपनाएँ – आचार्य वर्...

"महामंत्र का जाप करें, मोबाइल व अनुचित वेशभूषा से दूर रहकर बढ़ाएँ पुण्यार्जन"