त्याग के साथ दान की भावना का होना भी आवश्यक : उपाध्याय श्री ऊर्जयंत सागर जी
जैन धर्म में उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर विशेष रूप से बताया गया है कि त्याग का मतलब दान होता है जिस प्रकार आहार दान देने से सीमित फल की प्राप्ति होती है
जयपुर : श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर में विराजमान परम पूज्य उपाध्याय श्री ऊर्जयंत सागर जी महाराज ने दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आत्म अवलोकन पर्व में सुगंध दशमी के अवसर पर उतम त्याग धर्म पर आयोजित सभा में उपस्थित जन समुदाय को मंगल आशीर्वाद हुए कहा की त्याग में ही दान का समावेश होता है जैन धर्म में उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर विशेष रूप से बताया गया है कि त्याग का मतलब दान होता है जिस प्रकार आहार दान देने से सीमित फल की प्राप्ति होती है लेकिन वही दूसरी ओर आहार दान देने और देखने के भाव से अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है आप यदि किसी भी प्रकार के दान के लिए केवल धन का दान करते हैं तो उसमें उचित फल मिलने में कठिनाई होती है लेकिन वही दूसरी ओर आप धन के स्थान पर जिस चीज का दान कर रहे है वही वस्तु अर्पित करते हैं तो आपको अधिक पुण्य मिलने की संभावना है इसलिए बंधुओं धन बिजली के समान होता है कब आ जाए और कब चल जाए इसका किसी को पता नही चल सकता और सबसे बड़ी बात यह है की धन से कोई भी व्यक्ति बड़ा नही होता धन के साथ उसके मन का बड़ा होना भी जरूरी है उसका मन बड़ा होगा तभी उसमें त्याग की भावनाएं आएंगी और जब तक त्याग की भावना उसमें नही आएगी तो वह धन होने के बावजूद भी त्याग नही कर सकता अपनी भावनाओं को मजबूत रखने के लिए धर्म के सानिध्य में आना परम आवश्यक है किसी भी चीज को समझने के लिए धर्म का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है क्योंकि धर्म ही हमें जीवन जीने के लिए विभिन पहलुओं से परिचित कराता है तभी तो हमें कल्याण के मार्ग पर चलने का बोध होता है यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हम अपनी आत्मा का आत्म अवलोकन कर सकें क्योंकि श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए स्वयं में क्षमा , सहजता , सरलता , सत्य, संयम ,तप की साधना से त्याग की भावना की प्राप्ती होती है
अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व में आज उतम त्याग दिवस का विधिवत शुभारंभ श्री जी के अभिषेक एवं शांति धारा से हुआ इस अवसर पर मूल नायक भगवान महावीर की शांति धारा करने का सौभाग्य महावीर प्रसाद जी संजय जी मनोज जी जैन को प्राप्त हुआ को प्राप्त हुआ
मंत्री ज्ञान बिलाल ने बताया कि श्री दिगंबर जैन समाज समिति वरुण पथ मानसरोवर द्वारा साइन कालीन कार्यक्रमों की श्रृंखला में 5 सितंबर 2025 को जैन धार्मिक हाऊजी का आयोजन किया जाएगा कार्यक्रम में राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाष चंद जैन महामंत्री मनीष वेद जयपुर से श्री महावीर जी की पदयात्रा के संयोजक सौभाग मल जैन राजस्थान जैन युवा महासभा के अध्यक्ष प्रदीप जैन महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा, जैन सोशल ग्रुप वीनस के संस्थापक अध्यक्ष शैलेंद्र शाह एवं सम्माननीय अतिथि के रूप में अनिल चित्रा जैन, राकेश ममता चांदवाड़ ,चंदा देवी महेंद्र कासलीवाल, प्रदीप ममता जैन सम्मिलित होंगे कार्यक्रम के अध्यक्षता समाज समिति के अध्यक्ष एमपी जैन करेंगे मंगलाचरण की प्रस्तुति सुप्रसिद्ध भजन गायक वीरेश जैन टीटी द्वारा दी जाएगी
संगठन मंत्री विनेश सोगानी ने बताया कि प्रोफेसर हितेंद्र जैन के निर्देशन में विद्यासागर सभागार भवन में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आज उतम आर्जव धर्म पर विधान का आयोजन किया गया इस अवसर पर आयोजित सभी क्रियाएं करने का अवसर आज के सोधर्म इन्द्र मुकेश जी बबीता जी अर्पित जी अरिंजय जी शाह, संजय जी छाबड़ा, अनुभा जी छाबड़ा को प्राप्त हुआएवं मयंक जैन ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी इस अवसर पर भगवान महावीर स्वामी एवं वात्सल्य रत्नाकर आचार्य गुरुवर विमल सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य सोधर्म इन्द्र को प्राप्त हुआ इस अवसर पर एमपी जैन,ज्ञान बिलाला, कैलाश सेठी,विनेश सोगानी, राजेन्द्र सोनी,सुरेश जैन बांदीकुई, सन्तोष कासलीवाल,चंद्रकांता छाबड़ा, सुशीला टोंग्या ने सभी अतिथियों का स्वागत किया
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