राजस्थान को रास आ रहा पुलिस मुख्यालय का नवाचार

राजस्थान पुलिस के राजकॉप सिटीजन मोबाइल एप ने रचा इतिहास, एक दिन में 21 हज़ार से अधिक लोगों ने किया डाउनलोड, अब तक 17.8 लाख से अधिक ने किया है इस एप को डाऊनलोड, 9 हजार से ज्यादा शिकायतों को किया जा चुका है हैंडल, जयपुर के त्रिवेणी नगर में 12 फरवरी को कोचिंग छात्रा से सरेराह युवक ने छेड़छाड़ की घटना से चर्चा में आया था मोबाइल एप

Feb 15, 2025 - 21:23
Feb 15, 2025 - 21:29
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राजस्थान को रास आ रहा पुलिस मुख्यालय का नवाचार
राजस्थान को रास आ रहा पुलिस मुख्यालय का नवाचार

जयपुर । प्रदेश की महिलाओं एवं आम नागरिकों को भय मुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा डवलप किया गया राजकोप सिटीजन एप इन दिनों आम चर्चा में है। मात्र एक दिन में 21000 से अधिक लोगों ने ऐप डाउनलोड कर इतिहास रच दिया। अब तक 17.8 लाख से अधिक लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड कर लिया है, जिसमें 9000 से ज्यादा शिकायतों को हैंडल किया जा चुका है।
      स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आईजी  शरत कविराज ने बताया कि जयपुर के त्रिवेणी नगर में 12 फरवरी की सुबह कोचिंग छात्रा से सरेराह एक युवक द्वारा छेड़छाड़ की घटना के बाद यह एप चर्चा में आया था। आहत छात्रा ने ऐप के "मदद चाहिए" फीचर पर जैसे ही मैसेज भेजा, उसके बाद मात्र 3 मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी युवक को पकड़ गिरफ्तार कर लिया।
     आईजी  कविराज ने बताया कि इस ऐप में आम नागरिकों एवं महिलाओं की सहूलियत के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जो काफी आसान और मददगार है इस ऐप के जरिए आने वाली शिकायतों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर उनके मुताबिक एनालिटिक्स विकसित किया जाएगा, जो आने वाले समय में अपराध नियंत्रण में मददगार साबित होगा।
वरदान बना पुलिस का राजकॉप सिटीजन एप 
राजकॉप सिटीजन एप में आम नागरिकों के लिए पुलिस ने कई सुविधाएं उपलब्ध कराई है। यह ऐप एंड्राइड और आईओएस दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इस ऐप में महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन, मेरा कोना, सेवाएं, संपर्क, निकटतम खोजें, जानकारी और सोशल मीडिया की सुविधाएं प्रदान की गई है। इस ऐप को एंड्राइड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर एवं आईफोन के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 
(1) महिला सुरक्षा के अंतर्गत मदद चाहिए और यात्रा सूचना का फीचर दिया गया है। 
• मदद चाहिए :- यह फीचर आम महिला को इमरजेंसी और नॉन इमरजेंसी स्थिति में पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए दिया गया है।  इमरजेंसी स्थिति में महिला सहायता के लिए आने वाले वाहन की स्थिति को जांच सकती है। इस स्थिति में कन्ट्रोल रूम से महिला को फोन भी आता है। कुछ कैप्शन भी उपलब्ध करवाये गये है।    
• यात्रा सुरक्षा :- यह फीचर अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इस पर काम किया जा रहा है, जल्द ही यह रोल आउट होगा।
(2) हेल्पलाइन के अंतर्गत आपातकालीन सहायता, साइबर क्राइम की रिपोर्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, टेलीमानस सहित राजकॉप एसओएस की सुविधा दी गई है।
• हेल्प लाईन नम्बर :- महिला हेल्प लाईन (1090), आपातकालीन सहायता (112), साइबर क्राईम रिपोर्ट (1930), चाइल्ड हेल्प लाईन (1098) इन नम्बरों पर सीधे कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।  
• टेली मानस :- यह फीचर नागरिक को ‘‘भारत के राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के टोल फ्री नम्बर पर ले जाता है। जो नागरिक को मानसिक स्वास्थ्य के सम्बन्ध में परामर्श प्रदान करता है।  
• राजकॉप एसओएस :-  यह  फीचर  आम नागरिक को आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करता है। नागरिक जब इस पर क्लिक कर स्लाइड करता है तो उसकी लोकेशन के साथ सूचना कन्ट्रोल रूम को प्राप्त होती है और कन्ट्रोल रूम द्वारा त्वरित उस नागरिक को कॉल कर उसकी समस्या के बारे में जानकारी ली जाती है तथा आवश्यकता अनुसार डायल 112 की सुविधा उपलब्ध करवायी जाती है।
(3) सेवाएं (Service) के अंतर्गत शिकायत पंजीकरण, एफआईआर डाउनलोड व स्थिति देखें, खोया हुआ सामान, सत्यापन किरायेदार व नौकर एवं संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करें की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
• शिकायत पंजीकरण:- आम नागरिक राजकॉप सिटीजन के माध्यम से ऑन लाईन अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है तथा शिकायत की स्थित की जांच कर सकता है।  
• एफआईआर डाउनलोड :- आम नागरिक एप के माध्यम से 1 दिन में एक एफआईआर डाउनलोड कर सकता है तथा अपनी एफआईआर की स्थिति की जांच कर सकता है।
• खोया हुआ सामान :- इसके अन्तर्गत नागरिक अपने खोये हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी रसीद प्राप्त कर सकता है। जो कि किसी भी कार्यालय में मान्य है। 
• किरायेदार/नौकर सत्यापन :- नागरिक इस एप के जरिये अपने किरायेदार तथा नौकर का ऑनलाईन सत्यापन करवा सकता है।  
• संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करें :- इसके माध्यम से आप दूरसंचार विभाग के पोर्टल पर चक्षु पर जाकर संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा सकते है।  
(4) सम्पर्क (Contacts) के अंतर्गत पुलिस से संपर्क करें, पुलिस संपर्क निर्देशिका व प्रेमी युगल के सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा दी गई है।
• पुलिस से सम्पर्क करे :- यह फीचर नागरिक से उसकी वर्तमान लोकेशन पुछता है। चैक बॉक्स में √ का निशान लगाने के बाद यह एप नागरिक के वर्तमान स्थान के नजदीकी थाने के अधिकारियों व कमर्चारियों की सूचना मय पद व मोबाईल नम्बर इत्यादि सहित देता है।   
• सम्पर्क निर्देशिका :- यह  फीचर राजस्थान पुलिस के रेंज,जिलों, थानों व पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम, पद, मोबाईल नम्बर, ई मेल इत्यादि प्राप्त कर सकता है।  
• प्रेमी युगल के सुरक्षार्थ हेल्पलाइन नम्बर:- इस फीचर में प्रेमी युगल को सुरक्षा एवं सहायता के लिए जिलेवार पुलिस के नोडल अधिकारियों के वाट्सअप नम्बर, फोन नंबर तथा ई-मेल आईडी प्रदान की गयी है।  
(5) निकटतम खोजें एवं जानकारी के अंतर्गत निकटतम पुलिस थाना, वीडियो गैलरी, वीडियो सीखे, सामान्य प्रश्न व सुरक्षा टिप्स की सुविधा दी गई है।
• निकटम पुलिस थाना :- इस पर नागरिक को निकटम पुलिस थाने का नाम मय लोकेशन के सूचना प्राप्त होगा । 
• वीडियो गैलेरी :- जिसमे साईबर क्राईम से सम्बन्धित छोटे विडियो (Sort Video) दिखाए गए है।
• वीडियो सीखें :- विभिन्न लर्निंग ट्यूटोरियल वीडियो
• सामान्य प्रश्न, सुरक्षा टिप्स :- महिलाओं व वरिष्ठजनों के लिए राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स इत्यादि। 
(6) मेरा कोना (My Corner) के अंतर्गत मेरी सहायता अनुरोध, मेरी शिकायत, मेरी एफआईआर, कैमरा सहमति और मेरे सम्मन वारंट का फीचर दिया गया है।
●  मेरे सहायता अनुरोध :- इसके जरिये महिला जिसने ‘‘मदद चाहिए‘‘ फीचर के माध्यम से अनुरोध किया है वह अपने अनुरोध की स्थिति देख सकती है। 
• मेरी शिकायत :- इसमें नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति देख सकता है।    
• मेरी एफआईआर :- इसके माध्यम से नागरिक अपने एफआईआर की स्थिति जान सकता है। 
• मेरे सम्मन वारंट :- इसके माध्यम से नागरिक जारी सम्मन वारंट की स्थिति जान सकता है।  
      
राजकॉप सिटीजन एप में सोशल मीडिया का फीचर भी है। जिसमें राजस्थान पुलिस के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स दिए गए हैं। जिन पर क्लिक कर फॉलो कर सकते हैं और देख सकते हैं। आखिर में प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों एवं इस एप की रेटिंग का ऑप्शन भी दिया गया है। कोई भी व्यक्ति इस ऐप के जरिए अपनी शिकायत के समाधान के संबंध में अपना फीडबैक भी दे सकता है।

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SJK News Chief Editor (SJK News)