एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने देश-विदेश में बैठे गैंगस्टरों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की गिरफ्त में हार्डकोर अपराधी
जयपुर@ लोकेश जैन : राजस्थान में सत्ता की कमान संभालने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश से संगठित अपराध का खात्मा करने और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की जड़ें खोखली करने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया। इसकी कमान दबंग आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन को सौंपी गई। इस टास्क फोर्स ने बीते एक साल में कई इनामी बदमाशों को जेल की सलाखों तक पहुंचाया है। एंटी गैंगस्टर फोर्स का लक्ष्य संगठित अपराध और नशे की खेप हथियारों की तस्करी पर शिकंजा कस कर जड़ से खत्म करना और प्रदेश में कानून व्यवस्था को कायम रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके साथ ही हथियारों और नशे के सौदागरों पर भी एजीटीएफ ने शिकंजा कसा है। टीम ने मादक पदार्थों और शराब की तस्करी में लिप्त कई तस्करों को टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया है, 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक के इनामी बदमाश भी शामिल हैं। साथ ही हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े तस्करों को भी दबोचा है। एजीटीएफ ठगी करने वाले कई गिरोह का खुलासा कर चुकी है। एडीजी (क्राइम) दिनेश एमएन के नेतृत्व में टास्क फोर्स के सक्रिय होने के बाद प्रदेश में फायरिंग की घटनाओं में कमी आई है। साथ ही आमजन में विश्वास अपराधियों में डर का कायम है।
राजस्थान में डबल इंजन सरकार के गठन के बाद से ही अपराधियों पर लगाम कसने के लिए राजस्थान पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसके लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स भी 24*7 अपराधियों पर लागम लगाने के लिए एक्शन में है जिसका जिम्मा एडीजी क्राइम एमएन दिनेश को दिया गया है। इसके बाद प्रदेशभर में अपराधियों व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कई बार अभियान चलाया गया। जिसमें सैकड़ों अपराधियों को एक दिन में सलाखों के पीछे भेजा है।
राजस्थान के सभी जिलों में पुलिस टीमों द्वारा समय-समय पर दबिश दी जा रही
एडीजी क्राइम एमएन दिनेश के निर्देशन में यह अभियान शुरू किया गया था, जिसकी मॉनिटरिंग सभी रेंज आईजी कर रहे हैं। आर्म्स एक्ट, आबकारी एनडीपीएस एक्ट, हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर, स्थाई वारंटी, साइबर ठगी के संगठित अपराधों के विरुद्ध यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश और राजधानी जयपुर में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक ऐसा ही अभियान चलाया गया, जिसमें हार्डकोर अपराधी हिस्ट्रीशीटर और कई वांछित अपराधियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार भी किया गया था।
राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने हाल ही में दुबई से लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हुए शातिर बदमाश का नाम आदित्य जैन उर्फ टोनी है। टोनी लॉरेंस-रोहित गैंग के लिए डब्बा कॉलिंग का काम करता था। यानि की टोनी लॉरेंस गैंग की वो डायरी है, जिसके पास पूरा हिसाब-किताब रहता था कि आखिर किस व्यक्ति को धमकी देनी है, किस पर फायरिंग करवानी है। ये पूरी जानकारी टोनी को रहती थी। टोनी मूलत: राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला है और उसके पिता किराने की दुकान चलाते हैं, लेकिन टोनी को कुछ साल पहले प्यार हुआ। प्यार को पाने के चलते टोनी पर मुकदमे भी हुए। एक मुकदमे में टोनी चूरू की जेल में बंद हुआ, जहां 2018 में उसकी मुलाकात लॉरेंस गैंग के अहम सदस्य वीरेंद्र चारण से हुई, जिसके बाद टोनी लॉरेंस-रोहित गोदारा गैंग में शामिल हो गया। कुचामन सिटी के 5 कारोबारियों को रोहित गोदारा के नाम से 29 और 30 नवंबर 2024 को विदेशी नंबरों से वॉट्सऐप कॉल कर 2 से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।
लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग का काम वॉट्सऐप/सिग्नल, वीपीएन खातों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना, फरार लोगों के लिए ठिकाने बनाए रखना, अवैध उच्च श्रेणी के हथियार और गोला-बारूद और ड्रग्स की आपूर्ति करवाकर नए शार्प शूटरों की पहचान करना, उनका पालन-पोषण करना और उन्हें ट्रेनिंग देना, अवैध अपराध के पैसे को सफेद करना, नकली पहचान पत्र बनाना, कम उम्र के युवा अपराधियों को किसी न किसी तरह आकर्षित करना। गिरोह ने हाल ही में कई हाई प्रोफाइल अपराध किए हैं और वॉट्सऐप और वीपीएन का उपयोग करके कई जबरन वसूली कॉल की है। देशभर में फिरौती, रंगदारी के लिए धमकी और हत्या के लिए कुख्यात लॉरेंस गैंग को राजस्थान की एंटी गैंगस्टर फोर्स ने बड़ा झटका दिया है। इस गैंग के कर्ताधर्ता रोहित गोदारा के सबसे कुख्यात गैंगस्टर में से एक अमरजीत विश्नौई को राजस्थान की एंटी गैंगस्टर फोर्स की सूचना पर इंटरपोल की मदद से उसे 8 जुलाई को इटली में दबोचा था ।
राजस्थान में गैंगवार व महिला अत्याचार की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान पुलिस की ओर से अपराधियों पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। कहा जा रहा है कि गैंगस्टर की फोटो पर कमेंट और लाइक करने वाले लोगों के विरुद्ध भी राजस्थान पुलिस एक्शन ले सकती है। ऐसे लोगों को पुलिस चिन्हित करके पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है। राजस्थान में डबल इंजन सरकार बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर इसी दिशा में अब पुलिस एक्शन ले रही है।
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