महाकुंभ अमृत कलश रथ यात्रा का भव्य स्वागत
शहर में निकली शोभायात्रा, गोविंद देव जी में कलश का पूजन और आरती की गई
जयपुर. अखंड भारत के निर्माण और ऋषि कश्यप की साधना स्थली मां शारदा पीठ के गौरव को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से निकली महाकुंभ अमृत कलश रथ यात्रा का रविवार को जयपुर में जोरदार स्वागत हुआ। विप्र फाउंडेशन और राष्ट्रीय अनहद महायोग पीठ के सहयोग से कश्मीर के शारदा पीठ से शुरू हुई इस यात्रा की अगवानी जोरावर सिंह गेट पर की गई। इस दौरान जयकारों, बैंडबाजों और उत्साह से भरी शोभायात्रा ने शहर को उत्सव मय बना दिया।
राष्ट्रीय अनहद महायोग पीठ के पीठाधीश्वर रुद्रनाथ महाकाल विशाल महाराज के सानिध्य में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोग लाल ध्वज लेकर शामिल हुए। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की गरिमा बढ़ाई, जबकि घोड़ों पर सवार युवाओं ने उत्साह का प्रदर्शन किया।
प्रमुख लोगों की भागीदारी : सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, हवा महल विधायक बालमुकुंद आचार्य, मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा, विप्र फाउंडेशन के जोन-1 अध्यक्ष राजेश कर्नल, कार्यक्रम संयोजक सर्वेश्वर शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रथ यात्रा के गोविंद देव जी मंदिर पहुंचने पर महंत मानस गोस्वामी ने अमृत कलश का पूजन और आरती की।
सनातन संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास :
रुद्रनाथ महाराज ने बताया- यह यात्रा सनातन सेतु बंध के लिए हो रही है। कश्मीर के शारदा मंदिर का पुनर्निर्माण कर इसके गौरव को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कर्नल ने यात्रा में भाग लेने वाले सभी कार्यकतार्ओं का आभार जताते हुए इसे महाकुंभ प्रयागराज 2025 का प्रतीक बताया।
यात्रा का उद्देश्य और भविष्य की योजना : कार्यक्रम संयोजक सर्वेश्वर शर्मा ने बताया- यह यात्रा प्रदेशवासियों के रोग, दोष और परेशानियों को दूर कर जीवन में खुशहाली लाने का उद्देश्य रखती है। यह यात्रा विभिन्न मंदिरों से होते हुए 10 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ पहुंचेगी।
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