सिनेप्रेमियों को देखने को मिले कला और कहानी कहने के विभिन्न रंग

जयपुर । 17वें जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (जिफ) के तीसरे दिन रविवार को जीटी सेंट्रल ओडी में दुनिया भर की 61 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। सिनेप्रेमियों को कला और कहानी कहने के विभिन्न रंग देखने को मिले। इन फिल्मों में 16 फीचर फिक्शन, 34 शॉर्ट फिक्शन और एक प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फीचर शामिल रहीं। विश्व सिनेमा के बदलते परिदृश्य पर चर्चाएं हुईं, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों, फिल्मकारों और सिनेमा प्रेमियों ने हिस्सा लिया।
फिल्म निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण पर पैनल चर्चा में तकनीकी प्रगति के अवसरों और चुनौतियों खास रहीं। द कलर्स ऑफ राजस्थान सत्र में संगीतविद् केसी मालू, फिल्मकार गजेंद्र श्रोत्रिय और अभिनेता एस. सागर ने राजस्थानी सिनेमा की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। चर्चा में क्षेत्रीय फिल्म निर्माण में गहरी सांस्कृतिक समझ और रणनीतिक मार्केटिंग दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वर्तमान में यूट्यूब पर राजस्थानी संगीत की सफलता की चर्चा करते हुए वीणा म्यूजिक के योगदान को सराहा गया। हालांकि, राजस्थानी सिनेमा में इसी तरह की सफलता का अभाव है।
सत्र के अंत में क्षेत्रीय फिल्म उद्योग को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए गए, जिनमें स्थापित कलाकारों के साथ निरंतर काम करना, रणनीतिक मार्केटिंग, और बॉलीवुड और टॉलीवुड की तरह एक स्थायी बाजार विकसित करने की आवश्यकता शामिल थी। भारतीय अभिनेत्री देवयानी बेटरबेट के साथ सत्र भ्भी रोचक रहा। एक नवोदित निर्देशक के रूप में देवयानी की फिल्म हैंडकरचीफ क्वीन का भी महोत्सव में प्रदर्शन किया गया। सिनेमा बियॉन्ड बॉर्डर्स पैनल ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सह-निर्माण के अवसरों की खोज की।
जबकि फिल्म फंडिंग पर सत्र ने उभरते फिल्मकारों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान की। एक विचारोत्तेजक सत्र में फिल्म निर्माण के संगम की पड़ताल की गई। उद्योग विशेषज्ञ निवेदन राठी, अंतर्राष्ट्रीय फिल्मकार उवे श्वार्जवाल्डर और फिल्मकार प्रशांत मंबुली ने मनोरंजन के परिदृश्य को बदलती कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विभिन्न दृष्टिकोण साझा किए।
What's Your Reaction?






