सर्वेयान के ड्रोन समाधान से माइनिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रगति

1,000+ परियोजनाओं में सहयोग निब्रस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड सर्वेयान इस ब्रांड के तहत जो ड्रोन निर्माण में अग्रणी

Dec 21, 2024 - 13:13
Dec 21, 2024 - 13:17
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सर्वेयान के ड्रोन समाधान से माइनिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रगति

बेंगलुरु : निब्रस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड सर्वेयान इस ब्रांड के तहत जो ड्रोन निर्माण में अग्रणी और नामी फोटोग्रामेट्री सॉफ्टवेयर के डेवलपर है, जिनकी इनोवेटिव ड्रोन तकनीक भारतीय मायनिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में क्रांति लाने जा रही है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिशा में किये गए प्रभावशाली सर्वेक्षण में यह दिखा है की ग्राहकों की मांग बढ़ती जा रही है, क्योंकि वहां पर बड़े पैमाने पर संचालन, पर्यावरण निगरानी और नियामक अनुपालन के लिए ड्रोन को अपनाया जा रहा है।

भारतीय खनन (मायनिंग) क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 2% हिस्सा है। राजस्थान भारत का तीसरा सबसे बड़ा खनिज उत्पादक राज्य है। राज्य DMG द्वारा ड्रोन नीतियों ने सर्वेयान इकोसिस्टम जैसे व्यवसायों को उन्नत समाधान पाने के लिए प्रेरित किया है। अकेले राजस्थान में, सर्वेयान 2.8 लाख एकड़ से अधिक भूमि का सर्वेक्षण करके 25 से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने में सक्षम रहा है, जिससे मायनिंग ऑपरेशन और लैंड मैनेजमेंट में कई गुना सुधार हुआ है।

सर्वेयान का प्रभाव मध्य प्रदेश और ओडिशा तक फैला हुआ है, जहाँ कंपनी के ड्रोन हज़ारों एकड़ में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र और प्राकृतिक नेचुरल रिसोर्सेस) का मैपिंग कर रहे हैं। ओडिशा में, यह खनन गतिविधियों की निगरानी और पर्यावरण आकलन करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इस क्षेत्र में 30 से ज़्यादा ग्राहकों को सेवाएँ दी जा रही हैं। ORSAC (ओडिशा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर) में, कंपनी के टाइप सर्टिफाइड माइक्रो कैटेगरी के ड्रोन ने स्थानिक डेटा की एक्यूरेसी में सुधार किया है और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निर्णय लेने में मदद की है। 

सर्वेयान देश के अलग-अलग क्षेत्रों में 1,000 से ज़्यादा परियोजनाओं को IBM के माध्यम से एक साथ लाकर राष्ट्रव्यापी SOP की सुविधा प्रदान कर रहा है। उनके पूरी तरह से स्वायत्त (ऑटोनोमस) क्लाउड आधारित फ़ोटोग्रामेट्री सॉफ़्टवेयर ने 10 लाख एकड़ से ज़्यादा क्षेत्र में काम करने में मदद की है।

सह-संस्थापक और निदेशक, श्री शुभम बरनवाल ने कहा, "ड्रोन तकनीक को खनन और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के साथ मिलाकर, हम संचालन की क्षमता में सुधार कर रहे हैं और पूरे भारत में लगातार विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारे समाधान डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि (इनसाइट) के उपयोग के माध्यम से उद्योगों को सशक्त बनाते हैं, साथ ही साथ लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण और कुशल संसाधन प्रबंधन का समर्थन करते हैं।"

सर्वेयान इकोसिस्टम ने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए विस्तार और नवाचार करना जारी रखा है। यह कुशल संसाधन प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रबंधन के माध्यम से भारत के खनन और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में लगातार विकास को सक्षम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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SJK News Chief Editor (SJK News)