महाकुंभ मेले में आग लगने से गीता प्रेस के 180 कॉटेज जले
खाना बनाते समय सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका, एक घंटे में पाया काबू पाया
प्रयागराज : प्रयागराज में महाकुंभ के मेला क्षेत्र में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई। शास्त्री ब्रिज के पास सेक्टर 19 में गीता प्रेस के कैंप में ये आग लगी। गीता प्रेस के 180 कॉटेज आग में जल गए। अफसरों के मुताबिक, खाना बनाते समय सिलेंडर ब्लास्ट हो गया था। इसके बाद कई सिलेंडर ब्लास्ट हो गए।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां भेजी गई थीं, जिन्होंने आग पर एक घंटे में काबू पाया। एक संन्यासी के एक लाख रुपए के नोट भी जल गए। मेला सीएफओ (चीफ फायर आॅफिसर) प्रमोद शर्मा ने बताया कि आग से करीब 500 लोगों को बचाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सीएम योगी को फोन कर घटना की पूरी जानकारी ली। आग लगने की घटना से कुछ देर पहले ही उन्होंने हेलिकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र का जायजा लिया था।
पीएम मोदी ने सीएम योगी को फोन कर ली जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लगने की घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि कुशल फायर ब्रिगेड एवं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। कोई हताहत नहीं हुआ है, किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। स्थिति नियंत्रण में है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने गीता प्रेस से जुड़े लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अग्निकांड से हुए नुकसान का भी जायजा लिया।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा-महाकुंभ मेले में लगी आग का तुरंत गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और आगे ऐसी दुर्घटना न हो, इसको सुनिश्चित किया जाए।
फायर आॅपरेशन के लिए तैनात है एडब्ल्यूटी, 50 फायर फाइटिंग पोस्ट
महाकुंभ नगरी में फायर आॅपरेशंस के लिए एडवांस्ड फीचर वाले 4 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर (एलडब्ल्यूटी) तैनात की गई हैं। इनमें वीडियो-थर्मल इमेजिनिंग जैसा एडवांस सिस्टम है। इसका इस्तेमाल बहुमंजिली और ऊंचाई वाले टेंट की आग बुझाने के लिए किया जाता है। एलडब्ल्यूटी 35 मीटर की ऊंचाई तक आग बुझा सकती है। महाकुंभ मेला क्षेत्र को फायर फ्री बनाने के लिए यहां 350 से ज्यादा फायर ब्रिगेड, 2000 से ज्यादा ट्रेंड मैनपावर, 50 अग्निशमन केंद्र और 20 फायर पोस्ट बनाए गए हैं। अखाड़ों और टेंट में फायर प्रोटेक्शन इक्विपमेंट लगाए गए हैं।
गीता प्रेस के ट्रस्टी बोले-180 कॉटेज जले हैं
गीता प्रेस के ट्रस्टी कृष्ण कुमार खेमका ने बताया, लगभग 180 कॉटेज बने हुए थे। हमने बहुत सावधानी से बनाया था। सभी को मना किया गया था कि किसी प्रकार का अग्नि का कोई काम ना करें। जहां हमने सीमा बनाई उसके पार सकुर्लेटिव एरिया घोषित किया गया था। पता नहीं प्रशासन ने वह जगह किसे दी...उस तरफ से अग्नि की कोई चीज हमारे तरफ आई और आग फैल गई। हमारा कुछ नहीं बचा सब खत्म हो गया। हमारी रसोई टीन शेड की थी, पक्की थी।
What's Your Reaction?






