वक्फ संशोधन बिल गरीब मुसलमानों के हित में, देशभर में बिल का हो रहा है स्वागत:— मदन राठौड़
वक्फ बोर्ड की संपत्ति के सही इस्तेमाल से होने वाली आय से देश के मुसलमान ही नहीं, बल्कि देश की भी बदल सकती है तकदीर

जयपुर। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नई दिल्ली में मीडिया बाइट के कहा कि वक्फ संशोधन बिल का देशभर में स्वागत हो रहा है। अधिकांश मुस्लिम वर्ग के लोग इस संशोधन से खुश है, यह बिल गरीब मुसलमानों के हित में है। इस बिल से किसी की भी हानि नहीं हो रही है। इस बिल संशोधन में यह प्रावधान भी किया गया है कि जो वक्फ की संपत्ति वर्तमान में उससे कोई छेडखानी नहीं की जाएगी। वक्फ बिल संशोधन वर्तमान समय की मांग है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि वक्फ की संपत्ति पर कई लोगों ने कब्जे कर रखे है। वक्फ की संपत्ति अल्ला को दी गई है तो इसकी संपत्ति पर बाहुबली या मठाधीशों का कब्जा क्यों है। कुछ बाहुबली लोग इस संपत्ति का उपयोग करते हुए लाभ प्राप्त कर रहे है, जबकि मुस्लिम समाज को इसका लाभ तक नहीं मिल रहा। वक्फ बिल संशोधन मुसलमानों के हित में है, गरीब मुसलमानों के भलाई के लिए इस धन का उपयोग किया जाएगा। जबकि अब तक बाहुबली ही इसका उपयोग कर रहे थे। राठौड़ ने बताया कि यह कैसा कानून है जो यह कहता है कि किसी भी संपत्ति को कह दो कि ये वक्फ की संपत्ति है और वो उसकी हो जाए, यह ठीक नहीं है। ईश्वर किसी से संपत्ति छिनना नहीं चाहता।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि वक्फ बोर्ड के पास 23 राज्यों और 7 संघ राज्यों में कुल 32 वक्फ बोर्ड हैं। इन बोर्ड के पास कुल रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियों की संख्या 8.72 लाख और कुल क्षेत्रफल 37.39 लाख एकड़ का है, लेकिन इनकी आय के साथ साथ पारदर्शिता और सही प्रबंधन की कमी है। डिजिटलीकरण व जियो टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और वक्फ संपत्तियों के सही इस्तेमाल से करीबन 12,000 करोड़ से अधिक की सालाना आय संभव हो सकेगी। वक्फ बोर्ड की संपत्ति के सही इस्तेमाल से होने वाली आय से देश के मुसलमान ही नहीं, बल्कि देश की भी तकदीर बदल सकती है।
What's Your Reaction?






