जीवन में असंख्य लहरें फिर भी मन की गहराई में ‘खामोशी ही खामोशी’

सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में पिता से बड़ा ना कोई जिनकी त्याग तपस्या परिवार के लिए हर दर्द को हसकर परिवार में खुशियाँ बांटते वही है पर ब्रह्म परमात्मा स्वसरूप पिता। पिता के समर्पण से ही परिवार की नींव होती मजबूत हैं। पिता का आशीर्वाद, जीवन की हर दिशा में सफलता की कुंजी हैं। पिता का प्यार अपने बच्चों के लिए अनमोल होता है। वे न केवल हमें आर्थिक दृष्टि से सशक्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, बल्कि हमें मानसिक और भावनात्मक रूप से भी संबल देने का काम करते हैं।

Feb 14, 2025 - 21:18
Feb 14, 2025 - 21:21
 0  73
जीवन में असंख्य लहरें फिर भी मन की गहराई में ‘खामोशी ही खामोशी’

जयपुर  (लोकेश जैन) पिता का समर्पण परिवार के प्रति कभी समाप्त होने वाली एक ऐसी प्रेरणा है, जिसे शब्दों में पूरी तरह से व्यक्त करना मुश्किल है। पिता सिर्फ हमारे जीवन के मार्गदर्शक नहीं होते, बल्कि वे हमारे लिए एक आदर्श हैं। उनका हर कदम, हर विचार, हर कार्य केवल हमारे भले के लिए होता है। उनका जीवन एक अविरत संघर्ष होता है, जो उन्हें अपने परिवार की खुशियों और समृद्धि के लिए हर दिन कुछ कुछ त्याग करने के लिए प्रेरित करता है।

पिता का प्यार अपने बच्चों के लिए अनमोल होता है। वे केवल हमें आर्थिक दृष्टि से सशक्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, बल्कि हमें मानसिक और भावनात्मक रूप से भी संबल देने का काम करते हैं। एक पिता का समर्पण इस तथ्य में छिपा होता है कि वे कभी अपनी कठिनाइयों या परेशानियों को अपने परिवार पर हावी नहीं होने देते। वे हर रोज अपने परिवार के सदस्यों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी इच्छाओं को दबा लेते हैं, ताकि उनका परिवार सुख-शांति से जी सके। पिता का यह समर्पण केवल आर्थिक तौर पर होता है, बल्कि वे भावनात्मक रूप से भी अपने परिवार के साथ होते हैं। चाहे वह बच्चों की शिक्षा हो, उनके व्यक्तिगत विकास की बात हो या जीवन के किसी भी पहलु में मार्गदर्शन, पिता हमेशा अपने परिवार के साथ खड़े रहते हैं। वे अपने बच्चों को यह सिखाते हैं कि कैसे मुश्किलों का सामना करना है और कैसे सही निर्णय लेने हैं।

पिता का सबसे बड़ा समर्पण यह होता है कि वह कभी भी अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करते। वे अपने बच्चों की मुस्कान और परिवार के खुश रहने को अपनी सबसे बड़ी संतुष्टि मानते हैं। वे जानते हैं कि यदि उनका परिवार खुश और सुरक्षित रहेगा, तो उनका जीवन सफल होगा। इसके लिए वे किसी भी कठिनाई से टकराते हैं, चाहे वह व्यक्तिगत हो या पेशेवर पिता का यह समर्पण पूरी तरह से परिवार की भलाई के लिए होता है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चों को हर वह सुख-सुविधा मिले, जो उन्होंने कभी अपने जीवन में नहीं देखी। उनके लिए यह समर्पण एक लक्ष्य बन जाता है, जिसमें उनके परिवार की खुशी सबसे महत्वपूर्ण होती है। पिता का यह समर्पण केवल उनके बच्चों के लिए, बल्कि उनके जीवनसाथी के लिए भी होता है। एक पिता कभी अपनी पत्नी के दुखों को देख नहीं सकता, और वह हर संभव प्रयास करता है कि वह उसे खुशी और आराम दे सके। पिता के इस समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वे कभी भी अपनी कठिनाइयों को दूसरों पर नहीं थोपते। वे अपने संघर्षों को खुद में समेटे रखते हैं और अपने परिवार को हर मुश्किल से बचाने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि उनका समर्पण कभी खत्म नहीं होता। उनके परिवार के प्रति यह प्यार और समर्पण एक जीवनभर की यात्रा होती है।

 चिता तक चिंता करता अपनी औलाद की

पिता की यह विशेषता होती है कि वह हमेशा अपने परिवार की चिंता करता और यही यही चिता की अग्नि तक बच्चो के भविष्य निर्माण में खोये रहते हैं। बच्चो की शिक्षा हो, या फिर परिवार की मानसिक और भावनात्मक स्थिति, पिता हमेशा इन सब चीजों पर ध्यान देते हैं। वे यह चाहते हैं कि उनके बच्चों को हर वह चीज मिले, जो वे खुद नहीं पा सके। हमारे समाज में पिता की भूमिका को कभी पूरी तरह से नहीं समझा जाता, लेकिन जब हम अपने जीवन में पिता के योगदान और उनके समर्पण को समझते हैं, तो हमें एहसास होता है कि उनके बिना हमारा जीवन अधूरा होता। उनका यह त्याग और संघर्ष कभी खत्म नहीं होता।

वे हमेशा अपनी पूरी जिंदगी अपने परिवार के लिए समर्पित कर देते हैं।  पिता को अक्सर हम एक कठोर व्यक्तित्व के रूप में देखते हैं, जो अपने संघर्षों और परेशानियों के बावजूद हमेशा खड़ा रहता है। जैसे समुद्र में असंख्य लहरें उठती हैं, वैसे ही पिता की जिंदगी में भी अनगिनत मुश्किलें आती हैं। लेकिन जिस तरह समुद्र की गहराई में शांति और खामोशी होती है, उसी तरह पिता की गहरी प्रेम और समर्पण में एक अनकहा शांति छिपी रहती है।

जीवन के हौसले की उड़ान सिखाते पिता

 पिता परिवार में  रिश्तों के शिखर जैसे  हैं। हर पिता अपनी संतान को हार मानने और हमेशा आगे बढ़ने की सीख देते हुए हौसला बढ़ाते हैं। पिता से अच्छा मार्गदर्शक, हितैषी, गुरु कोई हो ही नहीं सकता। हर बच्चा अपने पिता से ही सारे गुण सीखता है जो उसे जीवनभर परिस्थितियों के अनुसार ढलने और लड़ने के काम आते हैं। उनके पास सदैव हमें देने के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार होता है, जो कभी खत्म नहीं होता। उनकी कुछ प्रमुख विशेषताएं उन्हें दुनिया में सबसे खास बनाती है जैसे -धीरज, संयम, अनुशासन, त्याग, बड़ा दिल, प्रेम, स्नेह एवं गंभीरता।

 पिता हर मुश्किल को चुपचाप सहता है, अपने परिवार के लिए अपनी भावनाओं और दर्द को छुपाए रखता है। वह कभी अपनी परेशानियों को सामने नहीं आने देता, ताकि उसके परिवार को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़े। जैसे समुद्र की गहराई में चुपचाप और अडिग शांति रहती है, वैसे ही पिता के दिल में परिवार के लिए एक स्थिर, शांति और प्रेम भरी होती है। पिता का प्रेम एक ऐसी गहरी खामोशी में समाया हुआ है, जो किसी शब्दों से व्यक्त नहीं की जा सकता। उनकी गहराई में अनकहा स्नेह और संघर्ष दोनों समाहित होते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)