नेमीनाथ जी की साधना से यश की प्राप्ती संभव
उपाध्याय 108 श्री ऊर्जयंत सागर जी के पावन सानिध्य एवं मंगल आशीर्वाद से भगवान नेमिनाथ जी के निर्वाण महोत्सव के अवसर पर निर्वाण लाडू अर्पित किया
जयपुर; श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर जयपुर में विराजमान परम पूज्य उपाध्याय 108 श्री ऊर्जयंत सागर जी के पावन सानिध्य एवं मंगल आशीर्वाद से भगवान नेमिनाथ जी के निर्वाण महोत्सव के अवसर पर निर्वाण लाडू अर्पित किया गया उपस्थित जन समुदाय को भगवान नेमीनाथ जी के मोक्ष कल्याण के पावन अवसर पर मंगल आशीर्वाद देते हुएपूज्य गुरुदेव ने कहा की भगवान नेमीनाथ जी की आराधना से जीवन में यश की प्राप्ति होती है लेकिन आपका हृदय अंतःकरण से शुद्ध होना चाहिए और अंत करण से शुद्ध होने के लिए भगवान की आराधना के महत्व को समझे बिना आप साधना के मार्ग पर नहीं चल सकते इसलिए भगवान नेमीनाथ जी के मोक्ष कल्याण के पावन पर्व पर निर्माण लाडू अर्पित करते हुए वीर प्रभु से यह कामना करें कि हमें हमारे जीवन में शुद्ध अंतःकरण से की जाने वाली साधना का मार्ग प्रशस्त करे
समाज समिति के प्रचार संयोजक विनेश सोगानी ने बताया कि भगवान धर्मनाथ जी के मोक्ष कल्याण के पावन अवसर पर श्री जी के प्रथम अभिषेक एवं शांति धारा करने का सौभाग्य एम पी जैन, संतोष जैन को प्राप्त हुआ इसके पश्चात परम पूज्य गुरुदेव के मुखारविंद से भगवान नेमिनाथ जी का निर्माण कांड पढ़ा गया तत्पश्चात निर्माण लाडू के पुण्यार्जक रमेश मंजू चांदवाड़ के साथ संपूर्ण समाज ने निर्माण लाडू अर्पित किया
इस अवसर परएम पी जैन,ज्ञान बिलाला , कैलाश सेठी,विनेश सोगानी, राजेंद्र सोनी,संतोष जैन विनोद छाबड़ा, जे के जैन चंदा देवी महेंद्र कासलीवाल , मंजू छाबड़ा राजावास, ममता कासलीवाल, अंजू जैन, उषा झांझरी, आशा सेठी, प्रीती सोगानी,अनीता लुहाड़िया सहित अनेको साधर्मी बंधुओं ने सहभागिता प्रदान की
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