समवशरण के अनुष्ठान में 108 पूजार्थियो ने आराधना की
अष्टान्हिका महापर्व चंद्र प्रभु जैन मंदिर में प्रथम बार बनाया गया ऐतिहासिक सिद्ध चक्र अनुष्ठान की महा रचना
निवाई - सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में अष्टान्न्हिका पर्व को लेकर बपूंई वालो के चैत्यालय में सिद्ध चक्र महा मण्डल विधान की संगीतमय पूजा अर्चना की गई जिसमें पूजा में बैठे सभी पूजार्थियो ने भक्ति पूर्वक आराधना की। जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला ने बताया कि पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के मंत्रोच्चार द्वारा भगवान चंद्र प्रभु का क्षीरसागर के जल से अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रेष्ठी शिखर चंद जस्टिस नरेंद्र कुमार सुरेश कुमार अजीत कुमार जैन काला एवं महावीर प्रसाद गोधा को मिला। अखिल भारतीय जैन धर्म प्रचारक विमल पाटनी एवं राकेश संधी ने बताया कि विधानाचार्य पंडित सुरेश कुमार शास्त्री की अगुवानी में आचार्य निमन्त्रण करके चारों दिशाओं में ध्वजाएं स्थापित करवाई गई एवं सोधर्म इन्द्र द्वारा मण्डल पर दीप प्रज्वलित करके पांच मंगल कलश की स्थापना की गई।
जौंला ने बताया कि 3 जुलाई से 11 जुलाई तक ऐतिहासिक सिद्ध चक्र के समवशरण में श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान की संगीत से विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। विधान में सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा मंडप प्रतिष्ठा आचार्य निमंत्रण भूमि शुद्धि कलशाभिषेक शांति धारा शास्त्र सभा संगीतकार रविंद्र एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। विधान से पूर्व मधु जैन मंजू जैन लीला जैन ने मंगलाचरण किया। इस अवसर पर प्रेमचंद सोगानी ज्ञानचंद सोगानी राजेश पाटनी विजय टोंगया त्रिलोक हरभगतपुरा पदम पराणा, पवन सांवलिया महावीर प्रसाद छाबड़ा, विमल सोगानी पदमचंद टोंग्या नरेश हथौना त्रिलोक रजवास धर्मचंद सेदरिया शकुंतला छाबड़ा संजू जौंला मंजू जैन अनिता छाबड़ा विजया टोंग्या मुन्नीदेवी सोगानी सहित अनेक लोग मौजूद थे
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