जयपुर एवं टोंक जिलों से लॉरेन्स गैंग के गुर्गे गिरफ्तार
एन्टी गैंगस्टर टॉस्क फोर्स सीआईडी (सीबी) पुलिस मुख्यालय राजस्थान की टीम ने लॉरेन्स विश्नोई गैंग व अन्य गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वांछित अपराधियों को वारदात करने से पहले दबोचा
जयपुर। राजस्थान सीआईडी क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े छह आरोपियों को वारदात को अंजाम देने से पहले ही दबोच लिया गया। एन्टी गैंगस्टर टास्क फोर्स और स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में लॉरेन्स विश्नोई गैंग व अन्य गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वांछित अपराधियों को दबोच लिया। जयपुर एवं टोंक जिलों से गिरफ्तार इन आरोपियों को पंजाब पुलिस के हवाले किया गया। इन पर पंजाब के नवाशहर (शहीद भगतसिंह नगर) में हुए ग्रेनेड धमाके में शामिल होने और 15 अगस्त के आसपास दिल्ली एवं ग्वालियर में धमाका कर बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप हैं।
मामला 7 जुलाई 2025 का है, जब नवाशहर (शहीद भगतसिंह नगर) में लॉरेन्स विश्नोई गैंग के गुर्गों ने शराब की दुकान के बाहर ग्रेनेड ब्लास्ट कर दहशत फैलाई थी। इस वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इनकी तलाश में एजीटीएफ एवं अपराध शाखा की टीम को जयपुर रेंज और अजमेर रेंज में तैनात किया गया। सिद्धान्त शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एजीटीएफ के सुपरविजन में रामसिंह पुलिस निरीक्षक, नरेन्द्र सिंह उप निरीक्षक सहित टीम ने गुप्त रूप से आपराधिक क्षेत्रों में घुसकर सूचनाएं जुटाईं और 10 अगस्त को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में जितेन्द्र चौधरी (जिला टोंक), संजय (जिला हनुमानगढ़), सोनू उर्फ काली (पंजाब) और तीन नाबालिग शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी कनाडा में बैठे गैंग हैंडलर जिशान अख्तर के संपर्क में थे, जिसने मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। जिशान के साथ पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, मनु अगवान और गोपी नवाशहरिया भी जुड़े हैं। ये लोग भारत में स्थानीय युवकों को पैसे का लालच देकर अपराधों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
जिशान अख्तर ने ही आरोपियों को ग्रेनेड उपलब्ध कराए थे और ऑनलाइन एप्स के जरिए उन्हें निर्देशित कर रहा था। ब्लास्ट के बाद आरोपी राजस्थान लौट आए थे। स्वतंत्रता दिवस के आसपास दिल्ली और ग्वालियर में धमाका कर बड़ा हमला करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं को दी गई थी, लेकिन एजीटीएफ की तत्परता से वारदात टल गई।
इस पूरी कार्रवाई में जयपुर की एजीटीएफ सीआईडी (सीबी) टीम में रामसिंह, नरेन्द्र सिंह, दुष्यन्त सिंह, शाहिद अली, रविन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, देवेन्द्र सिंह, जितेन्द्र कुमार और दिनेश कुमार की विशेष भूमिका रही, जबकि संजय ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
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