भगवान प्रसन्न होते हैं माता पिता की सेवा से: आचार्य मृदुल कृष्ण

श्री गिर्राज संघ परिवार भागवत कथा का दूसरा दिन

Jan 10, 2026 - 21:03
 0  14
भगवान प्रसन्न होते हैं माता पिता की सेवा से: आचार्य मृदुल कृष्ण
भगवान प्रसन्न होते हैं माता पिता की सेवा से: आचार्य मृदुल कृष्ण

जयपुर । श्री गिर्राज संघ परिवार  विश्वकर्मा,जयपुर के 27 वें वार्षिकोत्सव पर विद्याधर नगर,सेक्टर-7 स्थित अग्रसेन हॉस्पीटल के पीछे चल रहे 108 श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह के दूसरे दिन शनिवार को वृंदावन धाम विश्व विख्यात कथा व्यास  भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने कथा में श्री शालिग्राम जी की महिमा का वर्णन करते हुए  कहा कि जिस घर में श्री शालिग्राम जी का विग्रह  विद्यमान है, वह घर एक किलोमीटर की परिधि में तीर्थस्थल बन जाता है।  अतरू हमें श्री शालिग्राम जी की सेवा अवश्य ही करना चाहिए।
महाराज श्री ने आज की युवा पीढ़ी को  माता पिता की सेवा और देशभक्ति का संदेश दिया । उन्होंने कहा कि देवी मां के मंदिर में मातारानी को चुनरी चढ़ाने के साथ साथ ही अपनी मां और अपने पिता की सदैव सेवा और सम्मान करें । जिस पुत्र के माता पिता सुखी और प्रसन्न रहते हैं और उनका सम्मान किया जाता है, उसे प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। वह व्यक्ति जीवन में निरंतर प्रगति के नये नये सोपान तय करता है। उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता का भी यह कर्तव्य है कि बच्चों को देशप्रेम और देशभक्ति की शिक्षा दें। जिस मातृभूमि में हमने जन्म लिया है उसके प्रति भी हमारे कुछ कर्तव्य हैं । उनका पालन अवश्य करें।
श्रीमद्भागवत महापुराण का महत्व बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि यह कलिकाल के समस्त पापों का समूल नाश करती है। श्रीमद्भागवत में सभी प्रश्नों, शंकाओं का समाधान विद्यमान है। कथा के श्रृवण से भक्ति, शक्ति और मुक्ति प्राप्त होती है। जहां भी श्रीमद् भागवत की कथा होती है वहां भगवान  अवश्य उपस्थित होकर अपनी कथा का श्रृवण करते हैं। जो भक्त  लज्जा त्याग कर संसार की परवाह न करते हुए मेरे लिए अश्रु बहाता है व नृत्य करता है वह अपने साथ साथ ही संपूर्ण संसार को भी पवित्र कर देता है।श्रीमद्भागवत में  कहा गया है कि सदैव सत्य का ध्यान करें व सत्य का  पालन करें।  महाराज श्री ने कहा  कि सनातन धर्म  भी सदा सत्य है। सनातन धर्म के अंतर्गत सत्य  आचरण, अहिंसा न करना, प्रभु सेवा, अच्छे आचरण आदि बातों पर बहुत जोर दिया है।महाराज श्री के श्रीमुख से कथा रस और मधुर भजनों को सुनकर श्रोतागण झूम उठे और मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे। कथा के प्रारंभ में व अंतिम श्रीमद भागवत कथा की पूजन व आरती संयोजक विनोद गोयल व श्री गिर्राज संघ परिवार के पदाधिकारियों ने की। इस अवसर 125 ब्राह्मणों ने श्रीमद भागवत के मूलपाठ के पाठ किए।
श्री गिर्राज संघ परिवार अध्यक्ष राम रतन अग्रवाल व महामंत्री गिरीश अग्रवाल ने बताया कि कि महोत्सव के तीसरेे दिन रविवार को कपिल देवहुति संवाद व ध्रुव चरित्र की कथा के बाद 12 को प्रह्लाद चरित्र व वामन अवतार की कथा के बांद श्रीकृष्ण जन्म की कथा के साथ नंदोत्सव मनाया जाएगा। महोत्सव के तहत 13 को श्री कृष्ण बाल लीला,माखन चोरी व गिरिराज पूजन महोत्सव मनाया जाएगा। इसी कड़ी में 14 को महारास कथा,मथुरा गमन व रूकमणि विवाह महोत्सव मनाया जाएगा। इसी कड़ी में अंतिम दिन 15 जनवरी को सुदामा चरित्र व नवयोगेश्वर संवाद व परीक्षित मोक्ष की कथा के साथ पूर्णाहुति होगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)