दुनिया का सबसे खूबसूरत पौधा प्रेम और स्नेह का होता है : आचार्य इन्द्रनन्दी

निवाई। सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य इन्द्रनन्दी महाराज संघ के सानिध्य में आयोजित 16 दिवसीय भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान के चलते श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर पर अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष सुनील भाणजा मीडिया प्रभारी विमल जौला एवं युवा प्रवक्ता हितेश छाबड़ा ने बताया कि भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में बुधवार के दिन पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में एवं जैन मुनि बालाचार्य इंद्रनंद जी महाराज संघ के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ के अभिषेक एवं शांतिधारा की गई भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में बुधवार को सोधर्म इंद्र सुरेश चंद हेमलता आशुतोष नंदिता रामनगर वालों को सौभाग्य मिला एवं कुबेर इंद्र माणक चंद धर्मचंद ज्ञानचंद ओमप्रकाश सेदरीयां वालो को सौभाग्य मिला एवं एवं इंद्र बनने का सौभाग्य महेंद्र कुमार ओमप्रकाश जयंत निवाई को मिला सभी इन्द्र इन्द्राणियों ने मण्डप पर 251श्रीफल अध्र्य समर्पित किए एवं 3 काव्यों की संगीतमय पूजा अर्चना करते हुए भक्ति नृत्य किए।
आचार्य श्री ने बताया कि हर किसी के अन्दर अपनी ताकत और अपनी कमज़ोरी होती है, मछली जंगल मे नही दौड सकती और शेर पानी मे राजा नही बन सकता इसलिए अहमियत सभी को देनी चाहिये।कभी बिना शिकायत और बिना निंदा के एक दिन बिता कर तो देखिए खुशीयां और शांति कहीं ढूंढनी नहीं पड़ेगी और जीवन भी बहुत सहज सरल हो जाएगा कोई भी आदत इतनी बड़ी नहीं होती, जिसे आप छोड़ नहीं सकते।
बस अंदर से एक मजबूत फैसले की जरूरत है।जीवन जियो शुद्धि से काम करो बुद्धि बताया कि समय अनुसार परिस्थितियों को बदलते हुए आगे चलते रहना चाहिएह।वैसे भी व्यक्ति अपनी पहचान का अधिकांश भाग अपनी ही कल्पना से गढ़ता है।"अध्यात्म" एक ऐसी विद्या है जिसकी शरण में जाए बिना अपनी पहचान को पहचान लेना लगभग असंभव है!और यही हमारी सही पहचान है।
सुनील भांजा एवं हितेश छाबड़ा ने बताया की इस दौरान समाज सेवी विष्णु बोहरा सुशील जी आरामशीन महेंद्र चवंरिया महावीर जैन प्रदीप बड़ागांव , बंटी कठमाणा, महेंद्र सारसोंप महावीरप्रसाद छाबड़ा विमल जौला पवन चैनपुरा धर्मचंद धर्मजी सारसोप कमलेश जैन टोंक राजकुमार काफी सख्या लोग उपस्थित थे
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