गुरु धर्म के जरिए जीवन को दिशा भी देते:आचार्य पुलक सागर
मंत्रोच्चार के साथ हुई चातुर्मास कलशों की स्थापना ज्ञान गंगा महोत्सव 20 जुलाई से
उदयपुर उदयपुर के सर्वऋतु विलास में स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर के शांतिनाथ सभागार में सोमवार को राष्ट्रसंत आचार्य पुलक सागर महाराज ससंघ के चातुर्मास कलशों की मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की गई।
आचार्य के सानिध्य में सभी कलश के पुण्यार्जक परिवार जोड़े से इस आयोजन में शामिल हुए नित्य नियम पूजन के साथ कलशों की पूजा-अर्चना की। कलशों को चार महीने के लिए मंदिर में स्थापित किया है जो चातुर्मास पूर्ण होने के साथ ही पुण्यार्जक परिवार के घर आचार्य पुलक सागर महाराज के सानिध्य में स्थापित किया जाएगा।
आचार्य पुलक सागर महाराज ने प्रवचन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में यदि जीवन में स्थिरता, शांति और सच्चा आनंद चाहिए तो हमें किसी योग्य गुरु का सानिध्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरु धर्म के जरिए जीवन को दिशा भी देते हैं। वे हमारे भीतर के अंधकार को मिटाकर आत्मा के प्रकाश से जोड़ते हैं।
चातुर्मास श्रृंखला में पहला कार्यक्रम ज्ञान गंगा महोत्सव 20 जुलाई से 15 अगस्त तक आयोजित होगा। जिसमें 26 दिनों तक सर्वधर्म के धर्मावलम्बियों के लिए विशेष प्रवचन श्रृंखला आयोजित हो
गी।
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