चातुर्मास जीवन को दिशा देने का माध्यम:उपाध्याय ऊर्जयंत सागर

उपाध्याय श्री 108 ऊर्जयंत सागर जी महाराज के 32वें वर्षायोग की भव्य स्थापना मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य संजय-शीला काला परिवार को प्राप्त हुआ

Jul 15, 2025 - 22:17
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चातुर्मास जीवन को दिशा देने का माध्यम:उपाध्याय ऊर्जयंत सागर
चातुर्मास जीवन को दिशा देने का माध्यम:उपाध्याय ऊर्जयंत सागर

जयपुर: श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ, मानसरोवर, जयपुर में परम पूज्य उपाध्याय श्री 108 ऊर्जयंत सागर जी मुनि महाराज के 32वें वर्षायोग के उपलक्ष्य में मंगल कलश स्थापना का भव्य कार्यक्रम गायत्री भवन में संपन्न हुआ।

प्रचार संयोजक जिनेश कुमार जैन के अनुसार, इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए पूज्य गुरुदेव ने कहा वर्षायोग संत समाज के आत्मकल्याण के साथ-साथ समाज को संयमित, शिक्षित एवं अनुशासित जीवन को दिशा देने का माध्यम है। इसके प्रभाव को आत्मसात करने से ही जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है।"

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसका सौभाग्य निर्मल कुमार, श्रीमती कमलेश जी, निर्मेष, निशा, कृतिका, सिद्धार्थ, बरखा, शुभम पाटोदी (धुआं वालों) को प्राप्त हुआ।

गुरुदेव के सान्निध्य में जयपुर व मानसरोवर समाज के श्रद्धालु जुलूस के रूप में गायत्री भवन पहुँचे।

मंगलाचरण का शुभ अवसर श्रीमती श्वेता बाकलीवाल एवं आगम पाठशाला की छात्राओं को प्राप्त हुआ।

मंत्री ज्ञान बिलाला एवं संगठन मंत्री विनेश सोगानी ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य विमल सागर जी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन क्रमशः संजय-शीला काला परिवार और डॉ. सतीश, डॉ. ममता, रितिका, रितिक जैन द्वारा किया गया।

मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य संजय, शीला, शक्ति, अपूर्वा, नवीशा, बिन्नी काला को प्राप्त हुआ।

सम्यकदर्शन-ज्ञान-चारित्र कलश की स्थापना मुन्ना देवी, रवि कुमार, खुशबू, अक्षिता, अवनी, अनिका जैन (गोघा परिवार, अलियरी), सुरेश- कनकलता-स्मिता जैन (बांदीकुई) एवं खंडाका ज्वेलर्स परिवार को प्राप्त हुई।पूज्य गुरुदेव के 32वें वर्षायोग के प्रतीक रूप में 32 मंगल कलशों की स्थापना की गई।

कार्यक्रम सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य सुरेंद्र जैन (सलूंबर) के निर्देशन में पूर्ण विधिवत रूप से संपन्न हुआ। पूज्य गुरुदेव के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य हर्ष कुमार, मनोज जी, सीमा, सम्यक, सुहानी जैन (सोगानी पहाड़ी परिवार) को प्राप्त हुआ।

दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष एम.पी. जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा यह हम सभी का सौभाग्य है कि 10 वर्षों की तपस्या और भक्ति के फलस्वरूप हमें गुरुदेव का वर्षायोग प्राप्त हुआ है।

समाज समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेश जैन (बांदीकुई) ने बताया कि इस अवसर पर संगीतमय पूजा का भी आयोजन हुआ, जिसमें भारतवर्ष से पधारे गुरु भक्तों ने भाग लिया।

मानसरोवर समाज, प्रताप नगर, दोसा, सलूंबर समाज, श्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र कमेटी, राजस्थान जैन सभा, राजस्थान जैन युवा महासभा, मानसरोवर महिला मंडल आदि संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता रही।

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SJK News Chief Editor (SJK News)