राष्ट्रपति मुर्मू ने 'वीबी-जी राम जी बिल 2025' को दी मंजूरी

रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन

Dec 22, 2025 - 11:15
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राष्ट्रपति मुर्मू ने 'वीबी-जी राम जी बिल 2025' को दी मंजूरी

नई दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘वीबी-जी राज जी’ बिल 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश की प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना में बड़े बदलाव का रास्ता साफ हो गया है।  इस मंजूरी के बाद करीब दो दशक पुराना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा अब नए कानूनी ढांचे से बदल दिया गया है, जिसे सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा गया है। नए कानून के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वित्तीय वर्ष कर दी गई है। सरकार ने इसे लाभों के विस्तार के रूप में पेश किया है और कहा है कि पहले 100 दिनों की सीमा अक्सर न्यूनतम गारंटी के बजाय एक सख्त अधिकतम सीमा की तरह काम करती थी। फंडिंग व्यवस्था में भी अहम बदलाव किया गया है। मनरेगा में जहां मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, वहीं नए वीबी-जी राम जी ढांचे में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा फंडिंग का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 60:40 के अनुपात में खर्च होगा। इससे पहले पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 75:25 का पैटर्न लागू था। काम के दायरे को सीमित किया गया

नए कानून में पहली बार यह प्रावधान भी जोड़ा गया है कि बुआई और कटाई के पीक सीजन के दौरान ग्रामीण रोजगार को अधिकतम 60 दिनों तक रोका जा सकता है। सरकार का तर्क है कि इससे खेती के अहम समय में मजदूरों की उपलब्धता बनी रहेगी और किसानों की मजदूरों की कमी की शिकायत दूर होगी। काम के दायरे को भी सीमित किया गया है।

अब रोजगार मुख्य रूप से चार क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। जल सुरक्षा, बुनियादी ग्रामीण ढांचा, आजीविका से जुड़े संसाधन और जलवायु अनुकूलन। सरकार का दावा है कि इससे बनने वाली परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और टिकाऊपन बेहतर होगा। इससे खेती के पीक सीजन में किसानों को मजदूरों की कमी नहीं होगी। मजदूरों को भी फायदा यह होगा कि वे खेती के मौसम में खेतों पर काम कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे और बाकी समय वीबी-जी राम जी के तहत रोजगार पा सकेंगे। इससे दोनों वर्गों की आय में संतुलन बनेगा।
चार विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित रखा जाएगा
वीबी-जी रैम जी अधिनियम के तहत, रोजगार को चार विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित रखा जाएगा जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संबंधी परिसंपत्तियां और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता। सरकार का कहना है कि इस केंद्रित दृष्टिकोण से निर्मित परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और स्थायित्व में वृद्धि होगी। मोदी सरकार ने इस नए कानून का बचाव करते हुए इसे विकसित भारत 2047 रोडमैप के अनुरूप बताया है। इस विधेयक से मजदूरों को जबरदस्त फायदा होने वाला है। प्अब 125 दिन का रोजगार मिलेगा, वहीं किसानों को भी बड़ा लाभ होगा। इसके तहत राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वे बुवाई और कटाई के मौसम को ध्यान में रखते हुए साल में 60 दिन तक कार्य रोकने की अवधि तय कर सकें।

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SJK News Chief Editor (SJK News)