मुख्यमंत्री ने दी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात
यूनिफॉर्म के लिए खातों में 1-1 हजार रुपए किए हस्तांतरित
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में 1 लाख 22 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो यूनिफॉर्म के लिए 1-1 हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए। इस दौरान शर्मा ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील योजना के लाभार्थियों को भी चेक सौंपे। शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नौनिहालों का पूरा ध्यान रखती हैं और वे इस भावी पीढ़ी की नींव को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने पिछले दो वर्षों में आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण के लिए कई निर्णय लिए हैं। हमारी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मिड डे मील कुक कम हेल्पर सहित समस्त मानदेय कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो 1 अप्रेल 2026 से प्रभावी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को सप्ताह में 5 दिन गर्म दूध दिया जा रहा है तथा आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला पर्यवेक्षकों को स्मार्टफोन दिए गए हैं। साथ ही, आगामी समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आंखों की नि:शुल्क जांच और चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही देश और प्रदेश का विकास संभव है। हमारी सरकार की ओर से लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश में अब तक 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई हैं। साथ ही, इस वर्ष के बजट में लखपति दीदी योजना के तहत ऋण राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर के अनुदान के माध्यम से पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मा वाउचर योजना सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है।
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान में दे अपने सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से ही सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से 19 मार्च से 15 मई तक मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों के लिए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इस पहल में भाग लेते हुए गांवों के विकास को लेकर सुझाव दें और अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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