कलयुग में तपस्या कम और समस्याएं ज्यादा हो गई है - पंडित प्रदीप मिश्रा

वीटी रोड मेला ग्राउंड पर श्री शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन शिव महापुराण हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक है, जो भगवान शिव की लीलाओं, उनकी महिमा, और जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करता

Mar 21, 2026 - 21:47
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कलयुग में तपस्या कम और समस्याएं ज्यादा हो गई है - पंडित प्रदीप मिश्रा
कलयुग में तपस्या कम और समस्याएं ज्यादा हो गई है - पंडित प्रदीप मिश्रा

जयपुर। जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर चल रही श्री शिव पुराण कथा के दूसरे दिन शनिवार को भक्तों ने भोले बाबा के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को सुना,जिन्हें पांडाल में बैठे भक्तों के ह्रदय कमल आल्हादित हो उठे,वहीं कथा प्रसंग के बीच-बीच में भोले आपकी कृपा से सब काम हो ...जैसे भजनो की स्वर लहरियों पर भाव- विभोर होकर तालियां बजाकर नाचने लगे और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस मौके पर कथा सुनाते हुए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सिहोर वालों ने कहा कि घर परिवार छोड़ने से ईश्वर नहीं मिलता है,ईश्वर की प्राप्ति अभिमान को छोड़ने से मिलती है। घर परिवार से बड़ा कोई आश्रम नहीं है,इसलिए इसी आश्रम में रहकर एक लोटा जल चढ़ाओ और भोले बाबा की आराधना करो।
तपस्या पर बोलते हुए पं.मिश्रा ने कहा कि कलयुग में तपस्या कम हो गई है और समस्याएं ज्यादा हो गई है। समस्याओं से यदि मुक्त होना है तो अपने मन को ईश्वर की आराधना में लगाओ। संसार में ऐसा कोई नहीं है, जिसके पास दुख नहीं है,ऐसा कोई दुख नहीं है जिसका कोई हल नहीं है। संसार में सभी दुखों का हल भोले बाबा के पास है,इसलिए दुखों के निवारण के लिए भोले बाबा की सच्चे मन से आराधना करो। शंकर भगवान को देखना नहीं है बल्कि उन्हे महसूस करना है,क्योंकि वे हमारे रोम- रोम में बसे हुए है।

पं.मिश्रा ने आगे कहा कि शिव महापुराण हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक है, जो भगवान शिव की लीलाओं, उनकी महिमा, और जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करता है। इस पुराण का श्रवण केवल भक्तों के मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि उनके जीवन से पापों का नाश करता है और उन्हें शिवलोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।शिव महापुराण की कथा सुनने से संतानहीन दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है,गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है,आध्यात्मिक उन्नति: व्यक्ति का मन भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण होता है,साथ ही जीवन के समस्त पाप नष्ट होकर व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में जो सबसे आगे झुककर चलता है,वह दुनिया का सबसे बड़ा आदमा बन जाता है। 

मंच से किया पत्रों का वाचन
इस दौरान मंच से भक्तों के अनुभवों मंच के माध्यम से साझा करते हुए कथावाचक मिश्रा ने कहा कि कथा का नियमित श्रवण करने और एक लोटा जल चढ़ाने से किसी ने परीक्षा पास कर ली और किसी की सरकारी नौकरी लग गई तो किसी को भयावह बीमारी से मुक्ति मिल गई।

आज से होंगे दोपहर 2 बजे से प्रवचन
मंच से कथावाचक मिश्रा ने घोषणा की कि 26 मार्च तक रोजाना प्रवचन दोपहर 2 बजे से साम 5 बजे तक होंगे,साथ ही महाराजश्री ने अपने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भक्तों को दी।

आरती से कथा का समापन
आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री और मनोज पांडे ने बताया कि आज की कथा का समापन आरती से हुआ। इस मौके पर रक्षक सत्यनारायण-पुष्प लता बेरीवाल, मुख्य यजमान पुष्पलता-घनश्याम रावत,रेणु-राकेश रावत मानपुर वाले,कार्यक्रम संयोजक राजकुमारी-जुगल किशोर डेरेवाला,संतरा-प्रभु नारायण अग्रवाल, सह यजमान पूनम हर्ष नरेन्द्र कुमार हर्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरती उतारी।

 

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SJK News Chief Editor (SJK News)