अमीर बनना आसान, अमीर दिखना महंगा : उपाध्याय ऊर्जयंत सागर
मनुष्य दिखावे के चक्कर में अपने आप को इतना भटका रहा है की वापसी के रास्ते बंद होते दिखाई पड़ते है
जयपुर : श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर में विराजमान परम पूज्य आचार्य गुरुवर वात्सल्य रत्नाकर विमल सागर जी महाराज के अंतिम दीक्षित शिष्य परम पूज्य उपाध्याय श्री ऊर्जयंत सागर जी महाराज ने आज आयोजित धर्म सभा में मंगल आशीर्वाद देते अमीर बनने में कोई खर्चा नही लगता लेकिन अमीरी दिखाने में बहुत खर्चा लगता है बंधुओं आज के समय में मनुष्य दिखावे के चक्कर में अपने आप को इतना भटका रहा है की वापसी के रास्ते बंद होते दिखाई पड़ते है इसलिए आपसे निवेदन है कि अपने आप को संयमित जीवन जीने की कला में पारंगत करें जैसे हमारे पूर्वज पूर्वजों ने हमसे ज्यादा होते हुए भी सादगी को मरते दम तक नही छोड़ा इसीलिए पूरे क्षेत्र में उनको सम्मान की नजर से देखा जाता था उनकी अपने नाम से पहचान हुआ करती थी मगर आज स्थितिया इसके बिलकुल विपरीत है हमारी अपनी कोई पहचान नही है
हमें अपने मकान नंबर के नाम से पहचाना जाता है यह समाज और राष्ट्र के लिए बहुत ही विकट स्थिति पैदा करने वाली बात है क्योंकि हमें दूसरों के अंदर दोष देखने की आदत पड़ गई है इसे समाप्त करना होगा क्योंकि दूसरों के दोष देखने के चक्कर में हम हमारे गुणों का सर्वनाश कर रहे हैं इसलिए बंधुओं अमीर बने अमीर बनने में कोई बुराई नही है लेकिन अमीरी के प्रदर्शन से बचे यही मेरी आप सबसे प्रार्थना है
प्रचार समन्वयक विनेश सोगानी ने बताया कि इस अवसर पर धर्म सभा का विधिवत शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी एवं वात्सल्य रत्नाकर आचार्य गुरुवर विमल सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने एवं परम पूज्य उपाध्याय श्री को शास्त्र भेंट करने,पाद पक्षालन करने का सौभाग्य आज के सम्माननीय मुख्य अतिथि मंजू जी छाबड़ा अंशुल जी आयुषी जी छाबड़ा रजवास वालों को प्राप्त हुआ साथ ही मंगलाचरण के माध्यम से शुभारंभ करने का अवसर वीरेश जैन टीटी, अरुण जैन, राजेंद्र सोनी, विनय सोगानी को प्राप्त हुआ कार्यक्रम में एमपी जैन, ज्ञान बिलाला ,कैलाश सेठी ,सुरेश जैन बांदीकुई, विनेश सोगानी, राजेन्द्र सोनी,वीरेश जैन टीटी, गिरीश जैन पदमचंद जैन भरतपुर, निर्मल शाह, ने अपनी उपस्थिति प्रदान की |
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