रिश्तेदार निकला बिजनेसमैन की पत्नी की हत्या का मास्टरमाइंड
30 लाख का कर्ज उतारने के लिए गैंग बनाई, बूंदी से बदमाश बुलाकर करवाई वारदात
जयपुर : शहर के पॉश इलाके में हुई लूट और महिला की हत्या का मास्टरमाइंड उसका रिश्तेदार ही निकला। वह मृतका सरोज बंसल (55) की देवरानी का मुंह बोला भाई है। पुलिस ने हत्या-लूट के मामले में 3 मास्टरमाइंड समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड ने लाखों का कर्ज उतारने के लिए लूट की प्लानिंग की थी। आरोपी एक साल से रेकी कर रहे थे। टारगेट मिलने के बाद मास्टरमाइंड के कहने पर बूंदी से बुलाए गए दो बदमाश शराब पीकर वारदात को अंजाम देने बिजनेसमैन के घर में घुसे थे। डीसीपी (नॉर्थ) राशि डोगरा डूडी ने शुक्रवार को बताया-मास्टरमाइंड गोपाल शर्मा (45) पुत्र गणेश नारायण निवासी सी-ब्लॉक विद्याधर नगर, बजरंग लाल (50) पुत्र ग्यारसी लाल निवासी सुंदर नगर, शास्त्री नगर और दीन मोहम्मद (47) पुत्र सिराजुद्दीन निवासी कोतवाली (झुंझनूं) हाल सी-ब्लॉक विद्याधर नगर को गिरफ्तार किया है। लूट और हत्या करने वाले बूंदी के कोतवाली निवासी लक्की (23) पुत्र मोहम्मद फिरोज और शाहरुख अंसारी उर्फ पुलिस (24) पुत्र मोहम्मद रफीक को भी गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के मास्टरमाइंड गोपाल शर्मा, बजरंग लाल और दीन मोहम्मद हैं। गोपाल की कोयले की दुकान है। बजरंग ठेकेदार है। दीन मोहम्मद चूड़ी बनाने का काम करता है। गोपाल पर 30 लाख और बजरंग लाल पर लाखों रुपए का कर्ज है। कर्ज उतारने के लिए दोनों ने दीन मोहम्मद के साथ मिलकर प्लानिंग की थी।
सालभर से कर रहे थे रेकी
विद्याधर नगर थाने के एसएचओ राकेश ख्यालिया ने बताया-पिछले एक साल से तीनों मास्टरमाइंड लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे। सालभर में 5-6 मकानों को टारगेट कर रेकी की। वारदात को अंजाम देने के लिए दीन मोहम्मद ने बदमाशों को हायर किया था। पहले भी बदमाशों को बुलाकर टारगेट की रेकी करवाई, लेकिन घर में भीड़भाड़ को देखते हुए बदमाशों ने वारदात करने से मना कर दिया था।
बिजनेसमैन के मकान को बनाया टारगेट
गोपाल ने सरोज की देवरानी को मुंह बोली बहन बना रखा है। परिवार की बातचीत सुनने पर गोपाल को बिजनेसमैन गोविंद बंसल (सरोज के पति) के घर वारदात करने पर लाखों रुपए मिलने का अंदेशा था। गोपाल ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर प्लानिंग की। विद्याधर नगर सी-ब्लॉक में गोविंद बंसल पत्नी सरोज के साथ रहते हैं। करीब 7 साल पहले उनकी बेटी की शादी हो चुकी है। गोविंद बंसल समेत उनके तीनों भाइयों का स्टेशनरी और मेडिकल शॉप का बिजनेस है। वारदात के समय सरोज बंसल घर पर अकेली थीं। बदमाशों ने घर में घुसते ही उनका मुंह दबा दिया था।
हायर कर बूंदी से बुलाए बदमाश
प्लानिंग के बाद दीन मोहम्मद ने बूंदी से बदमाश लक्की और शाहरुख अंसारी को बुलाया। दोनों को बजरंग के साथ भेजकर मकान की रेकी करवाई गई। पिछले सात दिन से दोनों बदमाश दीन मोहम्मद के घर पर ठहरे हुए थे। दोनों को बंसल दंपती के बारे में बताया। यह भी बताया कि घर में घुसते ही महिला का मुंह बंद कर देना। क्योंकि, अगर महिला चिल्लाई तो आसपास के लोग इकट्ठा हो जाएंगे और तुम पकड़ में आ सकते हो। गहने-कैश को भरकर तुरंत वहां से निकलने के आदेश भी दिए गए।
वारदात के लिए शराब पीकर निकले थे
16 जनवरी को दीन मोहम्मद के घर पर बैठकर लक्की और शाहरुख ने शराब पार्टी की। इसके बाद दोनों बदमाश वारदात करने के लिए बिजनेसमैन के घर पहुंचे। शाम करीब 5:30 बजे दोनों बदमाशों ने घर के अंदर घुसते ही अपने हाथों से सरोज का मुंह दबा दिया। नाक-मुंह बंद होने से सरोज सांस नहीं ले पाईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नशे में दोनों बदमाशों ने सरोज को बेहोश समझकर लेटा दिया। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। करीब आधे घंटे घर में छानबीन के दौरान मिले गहने-कैश को समेटकर दोनों बदमाश फरार हो गए।
फुटेज के आधार पर पीछा करते हुए मास्टरमाइंड तक पहुंचे
शाम करीब 7:30 बजे गोविंद बंसल घर आए तो वारदात का पता चला। सूचना पर विद्याधर नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाते हुए ए-श्रेणी की नाकाबंदी करवाई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए कॉन्स्टेबल चंदन लाल, हंसराज और मुकेश कुमार की स्पेशल टीम बनाई गई। वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए पुलिस टीम एक मास्टरमाइंड दीन मोहम्मद के घर जा पहुंची। दोनों बदमाश वारदात को अंजाम देकर दीन मोहम्मद के घर पहुंचे थे। पुलिस ने फुटेज के आधार पर दबिश देकर दीन मोहम्मद को पकड़ लिया।
11 हजार रुपए देकर बदमाशों को किया था रवाना
पुलिस पूछताछ में दीन मोहम्मद ने साथी गोपाल और बजरंग के साथ मिलकर प्लानिंग कर वारदात को अंजाम देना कबूल किया। पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर उसके दोनों साथी मास्टरमाइंड को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों लक्की और शाहरुख को करीब 11 हजार रुपए देकर ई-रिक्शा में बैठाकर सिंधी कैंप बस स्टैंड भेज दिया।
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