राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की कई शहरों में जल्द आएंगी नई आवासीय योजनाएं
राजस्थान आवासन मण्डल आम आदमी के आवास का सपना पूरा करने के लिए अविराम प्रयासरत, प्रदेश के विभिन्न जिलों—जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, टोंक, नागौर, अलवर, करौली और भीलवाड़ा में विभिन्न आय वर्गों के लिए नई आवासीय योजनाएं
जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में राजस्थान आवासन मण्डल आम आदमी के आवास का सपना पूरा करने के लिए अविराम प्रयासरत है। राज्य सरकार की बजट घोषणा 2026-27 की क्रियान्विति में जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों—जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, टोंक, नागौर, अलवर, करौली और भीलवाड़ा में विभिन्न आय वर्गों के लिए नई आवासीय योजनाएं लॉन्च करने जा रहा है। इन योजनाओं के अंतर्गत फ्लैट्स और स्वतंत्र आवास दोनों प्रकार के विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे ईडब्लूएस, एलआईजी, मध्यम आय वर्गों और उच्च आय वर्गों के परिवारों को किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा। इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विकास कार्यों में तेजी लाने को लेकर मंगलवार को आवास भवन में आवासन आयुक्त अरविंद पोसवाल ने अहम बैठक ली।
पोसवाल ने कहाकि राज्य सरकार की मंसानुरूप आवासन मण्डल आम जन के आवास के सपने को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नवीन योजनाओं से संबंधित सभी कार्यों को सर्वोच प्राथमिकता के साथ पूरा करें साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि इनके निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
पोसवाल ने कहाकि चाहे ई नीलामी हो या आवासीय योजना, सैंकड़ों आवेदन और नीलामी द्वारा अर्जित करोड़ों का राजस्व इस बात का प्रमाण है कि आज भी आवासन मण्डल संपत्तियों में निवेश एवं घर खरीदने के लिए लोगों की पहली पसंद है। हमें हरसंभव प्रयास करना है कि हम इस प्रथम पायदान पर बने रहें और भविष्य में भी मण्डल के प्रति लोगों के विश्वास और रुझान को कायम रख सकें।
उल्लेखनीय है कि जयपुर के समीप फागी तथा चोमू में भी आवासन मण्डल विभिन्न आय वर्ग के लिए नई योजनाएं लाने जा रहा है। इस बैठक में नवीन योजनाओं के साथ ही अन्य मुद्दों पर भी गहन मंथन किया गया। पोसवाल ने संपत्तियों के चिन्हितीकरण व भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों की भी समीक्षा की।
आवासन आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि मण्डल की संपत्तियों को चिन्हित कर वहाँ बोर्ड लगाएं ताकि उन संपत्तियों पर अवैध कब्जे न हों साथ ही अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर मण्डल मुख्यालय को अवगत करवायें। उन्होंने कहा की चाहे नवीन आवासीय योजना हो या अवैध अतिक्रमण सभी अधिकारी एवं अभियंता इनकी सघन निगरानी करें साथ ही साप्ताहिक कार्य प्रगति से उन्हें अवगत कराए।
इस बैठक में सचिव गोपाल सिंह, उप सचिव डॉ. अशोक कुमार, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टी एस मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक रिंकू, सहित समस्त उच्च अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
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