देव पूजा पुण्य प्राप्ति का सरल आलम्बन: आर्यिका नंदीश्वरमती
द्विदिवसीय वार्षिक महोत्सव 14-15 फरवरी को मानसरोवर वरुण पथ जैन मंदिर में
जयपुर:व रुण पथ, मानसरोवर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका नंदीश्वरमती माताजी ने कहा कि श्रावक का प्रथम कर्तव्य देव पूजा है। भारतीय संस्कृति में कहा गया है—‘पहले देव पूजा, फिर काम दूजा’—लेकिन वर्तमान में लोग पहले ‘पेट पूजा’ फिर काम करते हैं। देव पूजा आत्मा की शुद्धि, पापों का नाश और पुण्य प्राप्ति का सरलतम आलम्बन है।
संगठन मंत्री सुनील जैन गंगवाल ने बताया कि 14 और 15 फरवरी को मंदिर का द्विदिवसीय वार्षिक महोत्सव मनाया जाएगा। प्रथम दिन झंडारोहण के साथ भगवान महावीर स्वामी का विधान पूजन होगा। शाम को संगीतमय दीपकों से भक्तामर स्तोत्र पाठ आयोजित होगा। द्वितीय दिन मानस्तंभ वेदी पर विराजमान प्रतिमाओं का इंद्रों द्वारा अभिषेक किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष जेके जैन, मंत्री ज्ञान बिलाला, हेमेन्द्र सेठी, राजेंद्र सोनी, सुनील गोधा, संतोष कासलीवाल, सतीश कासलीवाल, विनोद जैन, नवीन बाकलीवाल आदि उपस्थित रहे |
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