जयपुर । राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नव चयनित प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशीलता रखते हुए ईमानदारी रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के अधिकारी वर्गीज कुरियन की चर्चा करते हुए कहा कि देश में "श्वेत क्रांति के जनक" के रूप में उन्होंने भारत के डेयरी उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने उन्हीं की तरह नव चयनित अधिकारियों को अपना, राष्ट्र और समाज का नाम रौशन करने पर जोर दिया।
राज्यपाल बागडे ने कहा कि जनहित की, गरीबों की और सार्वजनिक हित की योजनाओं में कभी विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र में विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसमें सबने मिलकर प्रयास किया, उसी से यह मुकाम हमें मिला है।
बागडे रविवार को 'संकल्प' जन कल्याण शिक्षा ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2025 के नव चयनित प्रशासनिक अधिकारियों के अभिनंदन समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक में चयनित अधिकारियों पर राष्ट्र विकास की महती जिम्मेदारी होती है। वे जहां भी काम करें, अपनी संवेदनशीलता, ईमानदारी और कार्यकुशलता की वहां छाप छोड़ें।
राज्यपाल ने लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा प्रशासनिक सेवा में आने वाले देश के अधिकारियों को सरकारी मशीनरी का 'स्टील फ्रेम आफ इण्डिया' कहने की चर्चा करते हुए कहा कि यह उपमा उन्होंने इसलिए दी थी कि वे फौलादी ईरादा रखकर जन सेवा के लिए कार्य करेंगे तभी देश उत्तरोतर विकास की ओर आगे बढ़ सकेगा।
राज्यपाल ने कहा कि देश में 2014 में जहां बिजली का उत्पादन 2.6 गिगावाट होता था, वह बढ़कर अब 110 गिगावाट हो गया है। गरीबी रेखा से 25 करोड़ लोग ऊपर उठे हैं। राष्ट्रीय महामामार्ग में भी एक हजार किलोमीटर से अधिक बढत हुई है। उन्होंने अधिकारियों से बगैर शर्त सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से निष्ठा और नैतिकता को कर्तव्य मानने हुए और इसमें किन्तु परन्तु नहीं रखे जाने पर जोर दिया।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों का विश्वास जीतने और उसे बनाये रखते हुए मेहनत, नवाचार और समर्पण से प्रशासनिक मशीनरी को नई गति और दिशा देने पर जोर दिया।