सांप-सीढ़ी के खेल के जरिए इशारों ही इशारों में बयां किए वाक्ये

डॉ. सतीश पूनिया की पुस्तक का विमोचन

Oct 12, 2025 - 21:47
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सांप-सीढ़ी के खेल के जरिए इशारों ही इशारों में बयां किए वाक्ये

जयपुर. भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया की किताब के विमोचन के मौके पर रविवार को प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों ने सांप-सीढ़ी के खेल के जरिए इशारों ही इशारों में उनके साथ हुए वाक्या को बयां किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि सतीश पूनिया और मेरे में बड़ी समानता है। हम दोनों को सांप-सीढ़ी के सांप ने उस समय डंसा जब हम सत्तासी पर थे। बता दें कि पूनिया और राठौड़ 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। वहीं, मदन राठौड़ ने अपने संबोधन में इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आप मुझे कैसे भूल गए। सांप-सीढ़ी के खेल में मैं आपको याद नहीं रहा। हम में भी समानता हैं, आदरणीय पूनिया जी और राजेन्द्र राठौड़ जी, इस राठौड़ को अलग मत करो। साल 2003 में मैं विधायक बना, लेकिन 2008 में शायद आपने ही मुझे डंस दिया होगा। 2013 में फिर से मुझे टिकट दे दिया। मैं उस इलाके से जीतकर भी आया, लेकिन 2018 में फिर मुझे सतीश पूनिया जी ने डंस दिया होगा। सांप-सीढ़ी का यह खेल तो चलता है, कोई नई बात नहीं है, बचे हुए टीकाराम जूली है। यह खेल तो होता ही रहेगा और रहना भी चाहिए। बता दें कि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सहित सभी सियासी अतिथियों ने पूनिया

की किताब 'अग्निपथ नहीं जनपथ' (संवाद से संघर्ष तक) का विमोचन किया।

राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि आजकल मैं देखता हूं कि पूरी राजधानी युवा नेताओं के बधाई के पोस्टर से अटी पड़ी है। उन्होंने सतीश पूनिया को संबोधित करते हुए कहा कि आपके और हमारे क्षेत्र का एक वैंडर है। उसने व्यापार खोल रखा है। कोई भी युवा नेता उससे संपर्क करेंगे तो उनके जन्मदिन पर हजार होर्डिंग्स अलग-अलग

भाव भंगिमा में छपाकर शहर के प्रमुख चौराहों पर टांग देंगे।

इस प्रकार की राजनीति के अंदर होर्डिंग्स और अच्छी गाड़ी के साथ नेता पैदा होते हैं। मैंने आपको पैदल चलते हुए देखा, आपके पैरों में छाले पड़ते हुए देखा। निश्चित तौर पर आपके जैसे कर्मयोगी द्वारा लिखी गई यह पुस्तक नौजवानों के लिए प्रेरण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

 

आगे भी पूनिया के लिए रास्ता साफ करूंगा: मदन

मदन राठौड़ ने कहा कि जब सतीश पूनिया आते थे, मैं आगे-आगे रास्ता साफ करता था। जिससे उन्हें कोई समस्या नहीं हो। भाई साहब आगे भी रास्ता क्लीयर ही करूंगा, आप चिंता मत करो। उन्होंने राजेन्द्र राठौड़ पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप घनश्याम तिवाड़ी की बहुत प्रशंसा कर रहे थे। अब उनको पिंजरे से निकालकर यह घुसने वाले है, मुझे पता नहीं। खैर अंदर की बात ज्यादा नहीं बोलनी चाहिए।

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SJK News Chief Editor (SJK News)