जयपुर, प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास अपने उदयपुर प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को रविन्द्रनाथ टैगौर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आरएनटी मेडिकल कॉलेज) पहुंचे। उन्होंने सुपर स्पेश्यलिटी हॉस्पीटल और ट्रोमा एण्ड सर्जिकल इमरजेंसी युनिट का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज फैकल्टी से संवाद भी किया। इसमें उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने क लिए सुझाव आमंत्रित किए। साथ ही, रिसर्च पर फोकस करने की सलाह दी।
मुख्य सचिव ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे मेरा अस्पताल-मेरी जिम्मेदारी अभियान तथा रेफर होकर आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए तैयार किए गए रैपिड रेफरल रिड्रसल सिस्टम-सेतु के बारे में जानकारी ली। मुख्य सचिव ने इसकी प्रशंसा करते हुए मरीजों के लिए बहु उपयोगी बताया। सीएस ने न्यूरोलॉजी एवं ग्रेस्टोएन्ट्रोलॉजी वार्डों का अवलोकन करते हुए मरीजों और परिजनों से संवाद भी किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं तथा उपचार की गुणवत्ता के बारे में भी मरीजों व परिजनों से फीडबैक लिया। इसके पश्चात उन्होंने ट्रोमा एण्ड सर्जिकल इमरजेंसी युनिट का भी निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव ने आरएनटी मेडिकल कॉलेज अकादमिक भवन में पहुंच कर मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों तथा सीनियर प्रोफेसर्स की बैठक ली। फैकल्टी के साथ संवाद करते हुए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में उच्च गुणवत्तापूर्ण लाईब्रेरी होनी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकता पर भी जोर दिया, इसके लिए डीन रिसर्च नियुक्त करने का सुझाव दिया। उन्होंने संकाय सदस्यों से इण्डेक्स जनरलों में पब्लिकेशन ज्यादा से ज्यादा प्रकाशित करने का आग्रह किया। साथ ही, कहा कि जिन चिकित्सकों का इण्डेक्स पब्लिकेशन की संख्या उच्च स्तर की है, उन्हें विदेशों में अधिवेशन, कॉन्फ्रेंस में भाग लेने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिन-जिन विभागों में शोध कार्य ज्यादा है, उन विभागों में पोस्ट ग्रेज्युएट (पीजी) सीटों में वृद्धि करने में आसानी होगी। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में रिक्त पदों को भरने का भी आश्वासन दिया। सीएस ने हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड, आरएसएमएम, अन्य कॉर्पारेट संस्थानों से परमानेन्ट स्टडी चेयर लगाने का सुझाव दिया। इसके तहत् राष्ट्रीय अथवा अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चिकित्सकों को संस्थानों में लगाया जा सकेगा जिससे चिकित्सा संस्थानों में शोध में वृद्धि होगी। मुख्य सचिव ने नर्सिंग केयर की गुणवत्ता व महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा ओपीडी के समय में वृद्धि कर सायंकालीन ओपीडी प्रारम्भ करने के सुझाव की प्रशंसा की। सीएस ने ई-गर्वनेन्स व डिजिटल प्रोजेक्ट राज्य के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों में भी लागू करने का सुझाव दिया।