सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन

भारतीय सेना ने जयपुर में मनाया 78वां सेना दिवस

Jan 16, 2026 - 10:04
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सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन
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सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन
सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन
सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन
सैन्य परंपरा, शौर्य और अत्याधुनिक क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन

 जयपुर भारतीय सेना ने 78वां सेना दिवस गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर पूरे सैन्य गौरव अनुशासन के साथ मनाया। यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर आयोजित हुई और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में आयोजित की गई। राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ।

 सैन्य उत्कृष्टतागौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव के भव्य एवं ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखने के लिए राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडेमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मामिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंहचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहानसप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य नागरिक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

स्वदेशी हथियारों और नई तकनीक का प्रदर्शन

 थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने भव्य परेड का नेतृत्व किया। सेना दिवस परेड में भारतीय सेना ने अपने शौर्यसाहस और अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया। स्वदेशी सैन्य क्षमताआधुनिक आयुध और उभरती तकनीक को देखकर विशिष्ट से लेकर आमजन तक कोई भी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सका। इस वर्ष की थीम भारतीय सेना-शौर्य और बलिदान’ रखी गई। परेड में परमवीर चक्रअशोक चक्रमहावीर चक्रकीर्ति चक्र एवं वीर चक्र विजेता भी विशेष मेहमान के रूप में शामिल हुए। स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइलभीष्म एवं अर्जुन टैंकके-9 वज्र तोपबीएमपी वाहन, 155 एमएम अमोघनामिस (नाग मिसाइल सिस्टम)पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टमशिल्का हथियार प्रणालीड्रोन शक्तिड्रोन जैमर तकनीकइलेक्ट्रिक ऑल टैरेन व्हीकल का प्रदर्शन आकर्षण का विशेष केंद्र रहा। नव गठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की 7 रेजीमेंट की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया।

 अभिनव सैन्य प्रणालियों में रोबोटिक म्यूलस्वाथी वेपन लोकेटिंग राडारमॉड्युलर ब्रिजिंग सिस्टममल्टी बैरल रॉकेट सिस्टमवाहन आधारित इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टमड्रोन जैमर सिस्टममोबाइल कम्युनिकेशन नोड तथा अजय केतु ऑल-टेरेन व्हीकल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां प्रदर्शित की गईं।भारतीय सेना के विभिन्न बैंड्स के साथ-साथ नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी ने भारत-नेपाल के विशेष सैन्य संबंधों को रेखांकित किया।महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करने के लिए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया।

5 शूरवीरों को मरणोपरांत सेना मेडल

 परेड से पहले ऑपरेशन सिंदूर’ एवं अन्य अभियानों में अदम्य साहस और वीरता के लिए शूरवीरों सूबेदार मेजर पवन कुमारहवलदार सुनील कुमार सिंहलांस नायक दिनेश कुमारलांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल (गैलेंट्री)’ से सम्मानित किया गया।

आत्मनिर्भर एवं नए भारत की तस्वीर पेश करती भारतीय सेनाराजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और भरतपुर की फूलों की होली की रंग-बिरंगी झांकियां भी आयोजन में शामिल रहीं। राजस्थान के कच्छी घोड़ीदंगलगैरकालबेलिया जैसे मनोहारी लोक नृत्यों ने सभी आम एवं खास मेहमानों का ध्यान खींचा।

तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा एवं संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्प वर्षा कर और अपाचे सहित विभिन्न हैलीकॉप्टर्स ने एयरोहेड अन्य फॉर्मेशन से परेड को भव्य रूप दिया। सेना सेवा कोर के टोरेनैडो के बाइक्स पर पैराट्रूपर्स के आसमान में हैरतअंगेज करतबों और परेड के समापन पर नाल एयरबेस से आए तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने सभी को रोमांचित कर दिया।

बड़ी संख्या में गणमान्य जननागरिकवेटरन्सयुवा और छात्र-छात्राएं इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।

 

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SJK News Chief Editor (SJK News)