लंबे असर के लिए देश को रहना होगा तैयार: मोदी
ईरान जंग पर पहली बार लोकसभा में बोले प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हमें एकजुट रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है। धैर्य के साथ, संयम के साथ, शांत मन से हमें हर चुनौती का मुकाबला करना है। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है।
होर्मुज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं
पीएम मोदी ने संसद में युद्ध को लेकर देश का स्टेंड पर भी बात की। उन्होंने कहा तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होर्मुज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।
पीएम ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
पिछले एक दशक में भारत ने संकट के समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। इसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक करने का काम चल रहा है। हमारी तेल कंपनियां अलग स्टोरेज रखती हैं।
अनाज और खाद की दिक्कत नहीं
मोदी ने कहा भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। खरीफ सीजन की ठीक से बुवाई हो सके। सरकार ने खाद्य की पर्याप्त व्यवस्था की है। हमने पहले भी किसानों पर संकटों का बोझ नहीं पड़ने दिया था। दुनिया के बाजार में यूरिया की एक बोरी तीन हजार रुपए तक पहुंच गई थी, लेकिन भारत के किसानों को वही बोरी तीन सौ रुपये से भी कम कीमत पर दी गई थी। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं। इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है। सरकार किसानों की मदद करती रहेगी।
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