मोबाइल के अधिक उपयोग को बताया घातक- सृष्टि चौधरी
ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज" के तहत बच्चों को सिखाए कानूनी अधिकार
निवाई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के निर्देशानुसार मंगलवार को निवाई के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में "ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति, श्रीमती सृष्टि चौधरी के सानिध्य में आयोजित इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करना रहा।
मोबाइल का उपयोग सबसे बड़ी चुनौती
कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती सृष्टि चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में स्कूली बच्चों में मोबाइल का बढ़ता उपयोग सबसे घातक साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत से बच्चों की एकाग्रता और याददाश्त कमजोर हो रही है। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग, साइबर बुलिंग और अश्लील सामग्री के खतरों के कारण बच्चों में चिड़चिड़ापन, तनाव और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं।
कानूनी अधिकारों और सुरक्षा पर चर्चा
कार्यक्रम में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश रवीन्द्र प्रताप सैनी और अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अंजलि सिंह ने बच्चों को सरल भाषा में पॉक्सो (POCSO) एक्ट, जेजे एक्ट और बाल तस्करी जैसे गंभीर विषयों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर सेफ्टी पर जोर देते हुए बताया कि फर्जी अकाउंट बनाना, बिना अनुमति फोटो शेयर करना और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे कृत्य दंडनीय अपराध हैं।
"कोर्ट वाली दीदी" बॉक्स बनेगा सहारा
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्कूलों में "कोर्ट वाली दीदी" शिकायत एवं सुझाव पेटिका स्थापित की गई है। बच्चे अपनी पढ़ाई, सुरक्षा, बुलिंग या मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याएं इसमें लिखकर डाल सकते हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए त्वरित समाधान किया जाएगा।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर साझा किए:1098: चाइल्ड हेल्पलाइन, 112: आपातकालीन पुलिस सहायता, 1930: साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन,15100: राल्सा (RALSA) हेल्पलाइन।इस दौरान तालुका सचिव राजेश मीणा ने साइबर सेफ्टी पर प्रश्नोत्तरी आयोजित कर विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धक बाते बताई।
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