जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास

210 लोक कलाकारों और 32 लवाजमों के साथ सजी शोभायात्रा

Mar 21, 2026 - 22:02
 0  18
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास
जयपुर में गणगौर की शाही सवारी ने रचा वैभव का इतिहास

जयपुर जयपुर की सड़कों पर शनिवार को गणगौर महोत्सव 2026 की शाही सवारी ने ऐसा रंग जमाया कि पूरा शहर लोक संस्कृति, आस्था और सांस्कृतिक वैभव में डूबा नजर आया। जयपुर के सिटी पैलेस परिसर से सांय 5:45 बजे रवाना हुई सवारी के आगे बढ़ने के साथ जनसैलाब भी उमड़ता गया और गुलाबी नगरी में गणगौर उत्सव जीवंत हो गया। 

 पालकियों में विराजी गणगौर माता के हुए दर्शन

 नगाड़ों की गूंज, शहनाई की मधुर तान औरगौर माता की जयके जयकारों के बीच सजी-धजी पालकियों में विराजी गणगौर माता के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 

 गणगौर माता की सवारी का पुष्पवर्षा कर स्वागत

 त्रिपोलिया गेट से लेकर छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार तक सवारी के मार्ग पर छतों, बालकनियों और सड़कों पर खड़े लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। 

 सांस्कृतिक झलकियां को कैमरों में कैद करते नजर आए देसी-विदेशी पर्यटक

 गणगौर माता की सवारी निकलते समय अद्धभुत झलकियों को देखकर जयपुरवासी आनंद विभोर हो गए। उत्साहित दर्शकों के साथ देसी-विदेशी पर्यटक भी इस अद्वितीय सांस्कृतिक आयोजन को मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

 लोक कलाकारों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

 शोभायात्रा में शामिल 210 लोक कलाकारों ने आयोजन को जीवंत बना दिया। कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी और घूमर जैसे लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं रावणहत्था, भपंग और शहनाई की धुनों ने पूरे वातावरण को सुरमयी बना दिया। 

 32 पारंपरिक लवाजमों सुसज्जित भव्य सवारी

 इस बार 32 पारंपरिक लवाजमों की भव्य मौजूदगी ने सवारी को और भी आकर्षक बना दिया। सुसज्जित हाथी, ऊंट दल, घोड़े, विक्टोरिया कैरिज और विभिन्न बैंडों की धुनों के बीच पहली बार शामिल शंकर बैंड ने खास आकर्षण पैदा किया। 

 सजीव प्रसारण में भी गणगौर माता की सवारी के हुए दर्शन

 सवारी के गणगौरी बाजार पहुंचते ही पूरा इलाका लोक उत्सव के चरम पर नजर आया।

महोत्सव का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका लाइव प्रसारण भी रहा, जिसके माध्यम से देश-विदेश में बसे राजस्थानियों ने इस भव्य आयोजन को रियल टाइम में देखा।

 रविवार को निकलेगी बूढ़ी गणगौर की सवारी

 अब रविवार को बूढ़ी गणगौर की शाही सवारी के साथ यह महोत्सव अपने अंतिम चरण में प्रवेश करेगा। पर्यटन विभाग के उप निदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार सवारी शाम 5:45 बजे सिटी पैलेस से रवाना होकर पारंपरिक मार्ग त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार से गुजरते हुए तालकटोरा/पोंड्रिक पार्क तक पहुंचेगी।

 बूढ़ी गणगौर की सवारी को विशेष रूप से विदाई और परंपरा के चरम रूप में देखा जाता है, जिसमें लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का गहरा भाव दिखाई देता है।  जयपुर एक बार फिर इस ऐतिहासिक परंपरा का साक्षी बनेगा।

 फैक्ट बॉक्स: बूढ़ी गणगौर

 —गणगौर महोत्सव का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन

 —“विदाईकी परंपरा के रूप में निकाली जाती है सवारी

 —विवाहित महिलाओं की आस्था और सौभाग्य का प्रतीक

 —शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति

 —जयपुर में शाही अंदाज में निकलती है ऐतिहासिक शोभायात्रा

रूटसिटी पैलेसत्रिपोलिया गेटछोटी चौपड़गणगौरी बाजारतालकटोरा/पोंड्रिक पार्क।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)