कथा-कहन की सृजन यात्रा का समापन

कानोता में तीन दिवसीय हिंदी नेस्ट कार्यशाला रही यादगार

Apr 7, 2026 - 10:46
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कथा-कहन की सृजन यात्रा का समापन
कथा-कहन की सृजन यात्रा का समापन
जयपुर । शहर के समीप कानोता कैम्प में आयोजित तीन दिवसीय हिंदी नेस्ट कथा-कहन कार्यशाला का सफल एवं प्रेरणादायी समापन हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कहानी कहने की कला के विविध आयामों को सीखा और अपनी रचनात्मकता को नई दिशा दी।
   इस वर्ष कार्यशाला का आयोजन दिग्गज साहित्यकार रघुनंदन त्रिवेदी की स्मृति में किया गया, जिसने कार्यक्रम को भावनात्मक और साहित्यिक ऊंचाई प्रदान की।
 
उद्घाटन सत्र: प्रेरणा के स्वर
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में रिजॉर्ट के संचालक डॉ. बहादुर सिंह राठौड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कार्यशाला की प्रेरणा से उन्होंने स्वयं दो पुस्तकें लिखीं।
    वहीं वरिष्ठ कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ ने कहा, “कहानी सिखाई नहीं जाती, लेकिन रचनात्मकता का बीज जरूर बोया जा सकता है।”
कुश वैष्णव ने इसे छह वर्षों की साधना का परिणाम बताया।
 
विमोचन और साहित्यिक श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में प्रतिभागियों की श्रेष्ठ कहानियों के संकलन “सीपियां” का विमोचन किया गया, साथ ही “धनक-5” के किंडल संस्करण का भी लोकार्पण हुआ।
पहले सत्र में डॉ. सत्यनारायण, विनोद भारद्वाज और मनीषा कुलश्रेष्ठ ने रघुनंदन त्रिवेदी की रचनात्मक विरासत पर चर्चा की।
 
लेखन के विविध आयाम
गीत चतुर्वेदी ने फिक्शन लेखन में आंतरिक द्वंद्व को अपनाने की सलाह दी।
    जयप्रकाश पांडे और यतीन्द्र मिश्र ने कथेतर लेखन में भी ‘कहानीपन’ की अनिवार्यता बताई।
डॉ. विनय कुमार ने कहा, “अंधेरों से बचोगे तो रच नहीं पाओगे।”
   प्रभात रंजन ने भाषा के देसीपन को उसकी शक्ति बताया।
   पंकज सुबीर और मनीषा कुलश्रेष्ठ ने कथानक को कहानी में ढालने की प्रक्रिया समझाई।
 
रचनात्मक सत्रों की विविधता
दूसरे दिन कला, अपराध कथा, अंतरराष्ट्रीय साहित्य, ग्राफिक नॉवेल और कहानी-उपन्यास के अंतर जैसे विषयों पर समृद्ध संवाद हुए।
   तीसरे दिन रघुनंदन त्रिवेदी की कहानी पर आधारित नाटक “एल्बम” का मंचन अरु व्यास के निर्देशन में हुआ, जिसमें स्वाति व्यास ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
 
समकालीन विषय और समापन
अंतिम सत्रों में लेखन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पटकथा लेखन और ‘परकाया प्रवेश’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। फिल्म स्क्रिप्ट राइटर पुनीत शर्मा ने प्रतिभागियों को पटकथा लेखन के व्यावहारिक गुर सिखाए।
    कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को मंच प्रदान कर उनके कथानकों पर चर्चा की गई और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

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SJK News Chief Editor (SJK News)