ईवीएम पर बेवजह विरोध देशहित में नहीं : बागड़े
एकसाथ चुनाव से बचेगा समय और खर्च, लेकिन लोग इसका भी कर रहे विरोध
जयपुर- राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा-ईवीएम से चुनाव कराने का लगातार विरोध किया जाता है, लेकिन इसे लेकर आज तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं लाया जा सका है। बिना प्रमाण ऐसी चर्चाएं करना देशहित में नहीं है। बैलेट पेपर के दौर में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायतें होती थीं, इसी कारण ईवीएम प्रणाली को अपनाया गया।
एक देश-एक चुनाव पर राज्यपाल ने कहा-बार-बार चुनाव होने से देश का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। अगर एक साथ चुनाव कराए जाएं, तो चुनावी खर्च बचेगा और वही राशि विकास कार्यों में लगाई जा सकेगी। केंद्र सरकार इस दिशा में सोच रही है, लेकिन कुछ लोग इसका भी विरोध कर रहे हैं, जो समझ से परे है।
16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर रविवार को जयपुर में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गवर्नर ने इस कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
राजस्थान में 5 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत
राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा कि निर्वाचन आयोग की स्थापना 1950 में संविधान लागू होने से ठीक एक दिन पहले हुई थी, जिसका उद्देश्य स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना था। देश में लगभग 100 करोड़ मतदाता हैं, जबकि राजस्थान में 5 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। एसआईआर के दौरान करीब 50 लाख ऐसे नाम हटाए गए, जो वास्तव में उस पते पर निवास नहीं करते थे या देश के नागरिक नहीं थे। उन्होंने कहा कि बीएलओ ने पूरी निष्पक्षता और मेहनत से यह कार्य किया है।
लोगों को मतदाता शपथ दिलाई
राज्यपाल के साथ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदाता जागरूकता प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका राज्यपाल ने अवलोकन किया और उपस्थित लोगों को मतदाता शपथ दिलाई।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला कलेक्टरों, ईआरओ और करीब 80 कार्मिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही माय इंडिया माय वोट पोस्टर का विमोचन भी किया गया। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
अभियान को लोकतांत्रिक उत्सव की तरह मनाया
राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने एसआईआर के अनुभव साझा करते हुए बताया-नियमित समीक्षा और वर्चुअल मीटिंग के जरिए टीमवर्क किया गया, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सकी। वहीं बस्सी एसडीएम डॉ. गरिमा शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बीएलओ ने इस अभियान को लोकतांत्रिक उत्सव की तरह मनाया और हर स्तर पर निगरानी व प्रोत्साहन से बेहतर परिणाम मिले। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र, मतदाता जागरूकता और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को मजबूत करने के संकल्प के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
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