निवाई - सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य इन्द्रनन्दी महाराज एवं मुनि निपूर्ण नन्दी महाराज संध के सानिध्य में आयोजित 16 दिवसीय भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम संयोजक विमल जौंला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस 16 दिवसीय अनुष्ठान में प्रतिष्ठाचार्य पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में सेकंडों श्रद्धालु 3 काव्यों की संगीतमय पूजा अर्चना कर पुण्यार्जन कर रहे हैं।
इस दौरान विमल जौंला ने बताया कि भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान का समापन 31 जनवरी को किया जाएगा जिसमें विधान अनुष्ठान के सभी पूजार्थियो द्वारा 31 जनवरी को विश्व शांति महायज्ञ में आहुतियां देंगे। जौंला ने बताया कि 31 जनवरी को डोम का शिलान्यास समारोह पूर्वक किया जाएगा। अनुष्ठान के अन्तर्गत संगीतकार मुकेश मीत एण्ड पार्टी महुआ ने भजनों की प्रस्तुतियां दी जिसमे सभी इन्द्र इन्द्राणियो ने भक्ति नृत्य की प्रस्तुतियां दी।
इस अवसर पर जैन आचार्य श्री इन्द्रनन्दी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इच्छाओं का दास बना यह संसारी प्राणी निरन्तर अभावों की जिंदगी जी रहा है इस प्रकार भावनाओं के विपरित सफलता या असफलता मिलने पर मानव मन की प्रतिक्रिया भी हर्ष विषाद रुप होती है असफलता पर असफलता मिलने पर वह विषाद की विषाक्तता से भर उठता है और यह अभाव परिवार में, समाज में तथा अपने आप में टकराव पैदा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अभाव और सदभाव दोनों एक दूसरे के विलोम है।