भारत नेपाल में राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में लगातार सहयोग करता रहेगा: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 12 और 13 तारीख को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 12 और 13 तारीख को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर जायसवाल ने कहा कि भारत, रूस और यूक्रेन, दोनों के संपर्क में है। भारत ऐसे विचारों और सुझावों पर काम कर रहा है, जो संघर्ष को समाप्त करने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल में यूक्रेन और पोलैंड का दौरा किया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार यह मानता रहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और युद्ध के मैदान से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के इस विचार को भी दोहराया कि अब अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध का अंत होना चाहिए।
एक अन्य सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब 24 भारतीय अभी भी रूसी सेना में हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने यह मुद्दा रूस सरकार के साथ उठाया है और उम्मीद है कि इन भारतीयों को जल्द से जल्द रिहा किया जाएगा।
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बारे में जायसवाल ने कहा कि भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एक करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में लगातार सहयोग करता रहेगा।
उन्होंने बताया कि सात विमानों के जरिए अब तक 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। कुछ और राहत सामग्री जल्द ही नेपाल भेजी जाएगी।
जायसवाल ने बताया कि भारतीय फोरेंसिक टीम और सुरंग बचाव दल नेपाल में मौके पर काम कर रहे हैं। फोरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है, जहां करीब एक हजार दो सौ डीएनए नमूनों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि 275 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 49 लोग ऐसे हैं, जो चीन की तरफ लापता हुए हैं। अब तक कुल 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है।
एक अन्य सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि भारत और चीन के संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का सामान्य होना और लोगों के बीच संपर्क बढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है। इस महीने की 6 तारीख को अरुणाचल प्रदेश के भारतीय क्षेत्र वाचा और कल चीन के क्षेत्र दमाई में हुई पहली वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र में भी इसी तरह की व्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि कमांडर स्तर की यह बैठक अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति तथा परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र-डब्ल्यू.एम.सी.सी के बाद की बैठकों में हुई चर्चा के आधार पर आयोजित की गई।
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