आईएएस अफसर अब कॉल सेंटर पर सुनेंगे शिकायतें
35 अधिकारियों की 181 हेल्पलाइन पर ड्यूटी लगाई; रोज सुननी होगी कम से कम 10 कॉल
जयपुर। आम लोगों की लगातार बढ़ती समस्याओं और उनका समय पर समाधान नहीं होने से नाराज भजनलाल सरकार ने अहम निर्णय किया है। प्रदेश के 35 सीनियर आईएएस अफसरों की राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी सेक्रेटरी से लेकर एसीएस रैंक के हैं। सभी अफसर अलग-अलग दिन सचिवालय स्थित 181 कॉल सेंटर पर बैठेंगे और अफसर रोज कम से कम 10 कॉल रिसीव करके आमजन की समस्याएं सुनेंगे। यथासंभव उनका मौके पर समाधान करवाएंगे। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवासन ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी किया।
पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री खुद 181 कॉल सेंटर का लगातार दौरा कर रहे हैं। खुद आमजन के कॉल रिसीव कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। इसके अलावा वे सीएमआर पर भी लगातार जनसुनवाई करके आमजन की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाने पर जोर दे रहे हैं।
हर विजिट पर देनी होगी
रिपोर्ट : जो-जो अधिकारी कॉल-सेंटर पर जाएगा, वह अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को देगा। इस रिपोर्ट में उस अधिकारी ने क्या-क्या काम किया और कितनी शिकायतों का निस्तारण किया, ये सब लिखा होगा। साथ ही संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और उसके निस्तारण की कार्यप्रणाली को और कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इस पर भी सुझाव देगा।
4 मार्च से 28 अप्रैल तक चलेगा अभियान
आदेश के मुताबिक ये अभियान 4 मार्च से शुरू होगा और 28 अप्रैल तक चलेगा। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार सिंह, अपर्णा अरोड़ा, शिखर अग्रवाल, संदीप वर्मा, कुलदीप रांका समेत तमाम सीनियर अधिकारी शामिल हैं।
10-10 पेंडेंसी निपटाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अपने आदेशों में निर्देश दिए हैं कि हर अधिकारी संपर्क पोर्टल पर आने वाली समस्याओं में से 10-10 ऐसी समस्याएं जो आसानी से दूर हो सकती है, लेकिन लंबे समय से पेंडिंग चल रही है। उन्हें सिलेक्ट करके आमजन की समस्याओं का निपटारा करेंगे और उसका रिप्लाई करेंगे, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
अक्सर कई छोटी-छोटी शिकायतें जैसे प्रमाण पत्र बनाने, बिजली-पानी, साफ-सफाई समेत अन्य शिकायतें होती हैं, जो लंबे समय तक पेंडिंग रहती है। इसे लेकर आमजन परेशान होते हैं।
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