अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर भारतीय युवा संसद का 31वाँ राष्ट्रीय सत्र
रजत जयंती समारोह में चार माननीय राज्यपाल होंगे उपस्थित “25 वर्षों का गौरव, लोकतंत्र के भविष्य का संकल्प — भारतीय युवा संसद का 31वाँ राष्ट्रीय सत्र
जयपुर | युवा नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने के 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय युवा संसद अपने ऐतिहासिक 31वें राष्ट्रीय सत्र का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर कर रही है। यह विशेष सत्र 15, 16 एवं 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगा।
इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में देश के चार माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागडे (राजस्थान के माननीय राज्यपाल), थावर चंद गहलोत (कर्नाटक के माननीय राज्यपाल), जिष्णु देव वर्मा (महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल) और कविंदर गुप्ता (हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल) का गरिमामयी सानिध्य प्राप्त होगा|
कार्यक्रम में भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से युवा प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र होकर लोकतंत्र, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
मुख्य विषय: लैंगिक समानता
31वें राष्ट्रीय सत्र का केंद्रीय विषय “लैंगिक समानता” रखा गया है, जिसमें विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा और संसदीय विमर्श किया जाएगा। युवा प्रतिनिधि कानून, नीति, महिला नेतृत्व, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और समान अवसर जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
तीन दिनों का गहन संसदीय विमर्श
लगातार तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय सत्र का समय प्रातः 7:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक रहेगा। युवा प्रतिनिधिमंडल द्वारा 1,500 से अधिक प्रश्न उठाए जाएंगे, जिन पर संसदीय शैली में चर्चा, विचार-विमर्श और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह राष्ट्रीय सत्र देश के युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने, प्रश्न पूछने, तर्कपूर्ण संवाद करने और जिम्मेदार नेतृत्व के लिए तैयार होने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
भारतीय युवा संसद का 31वाँ राष्ट्रीय सत्र न केवल रजत जयंती के 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भारत के युवा नेतृत्व को लोकतंत्र के भविष्य के साथ जोड़ने का एक सशक्त संकल्प भी है।
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