फर्जी बैंक अकाउंट खोल करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश
विभिन्न बैंक की 60 पासबुक व चैक बुक, 32 एटीएम व डेबिट कार्ड, 11 मोबाइल, 8 सिम कार्ड, रबड़ की 7 फर्जी स्टांप मोहर एवं बैंक संबंधित डॉक्यूमेंट बरामद

जयपुर/हनुमानगढ़ । पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेशभर चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत हनुमानगढ पुलिस ने बडी कार्रवाई कर फर्जी फर्म बनाकर फर्म के नाम से फर्जी बैक अकांउट खोल इन म्यूल अकाउट्स मे 26 करोड रूपये का लेनदेन कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी अरशद अली ने बताया कि इनके पास से पुलिस ने विभिन्न बैकों खातो की 60 पासबुक व चैकबुक, 32 एटीएम व डेबिट कार्ड, 11 मोबाईल, 08 सिम, 07 रबड़ की फर्जी स्टाम्प मोहर एवं बैक सम्बंधी डॉक्यूमेंट बरामद किये है। भारत सरकार के एनसीआरपी पोर्टल पर उक्त 60 बैंक खातो के विरूद्व 16 राज्यों से साइबर ठगी की 66 शिकायतें दर्ज है। मामले में साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसपी अली ने बताया कि महानिदेशक पुलिस उत्कल रंजन साहू एवं महानिदेशक पुलिस साइबर क्राईम एससीआरबी एवं तकनीकी सेवाए हेमन्त प्रियदर्शी के निर्देशन में राज्य में चलाये जा रहे विशेष अभियान ‘‘साइबर शील्ड‘‘ के तहत भारत सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी व जेएमआईएस पोर्टल पर प्राप्त साइबर फ्रॉड परिवादों के संबध में उन्होंने जिला साइबर सैल, साइबर पुलिस थाना एवं डीएसटी की विशेष टीम गठित कर परिवादों की जांच के संबध मे निर्देशित किया।
म्यूल अकाउंटस में 26 करोड़ का लेनदेन मिला
गठित टीम द्वारा पोर्टल पर प्राप्त साइबर फ्रॉड परिवादो का गहनता से तकनीकी विश्लेषण किया तो देश के विभिन्न राज्यो मे दर्ज 66 परिवादो से हनुमानगढ क्षेत्र के 60 खातो मे लगभग 26 करोड़ राशि का साइबर फ्रॉड होना पाया गया। इस पर गठित टीम द्वारा विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों का गहन परीक्षण कर अथक प्रयासों से साइबर ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी आकाशदीप पुत्र कर्मजीत सिंह जटसिख (28) निवासी चक 1 आरबी, थाना पदमपुर श्रीगंगानगर, आदित्य वाल्मीकि पुत्र नवरंग लाल (23) निवासी हनुमानगढ जंक्शन, जाकिर हुसैन पुत्र जानी मोहम्मद (30) निवासी बरकत कॉलोनी, हनुमानगढ़ टाउन, कैलाश खीचड़ पुत्र दौलत राम (26) निवासी वार्ड नम्बर 4, थाना सदर हनुमानगढ़ एवं निर्देश बिश्नोई पुत्र अजयपाल (27) निवासी वार्ड नम्बर 07 थाना संगरिया को गिरफ्तार कर विभिन्न बैंकों के 60 पासबुक/चैकबुक, 32 एटीएम/डेबिट कार्ड, 11 मोबाइल, 8 सिम कार्ड एवं 07 रबड़ की फर्जी स्टाम्प मोहर बरामद की गई।
बैंक कर्मियों की संलिप्तता की जांच जारी
आरोपियो ने पूछताछ मे बताया कि उक्त रकम इन्वेस्टमेंट फ्रॉड (फर्जी ट्रेडिंग ऐप बना टेलीग्राम के जरिये लोगो से सम्पर्क कर शेयर मार्केट पर पैसा लगाने का झांसा देना), अवैध गैमिंग, क्रिप्टोकरंसी फ्रॉड, यूएसडीटी, आदि के जरिये म्यूल व फर्जी बैक खातो मे लेकर कैश निकलवा गिरोह के अन्य सदस्यो मे बांट देते थे। प्रथम दृष्ट्तया बैंक कर्मियों द्वारा अकांउट ओपनिंग, नेट बैंकिग एवं कैश निकासी मे जालसाजी कर साइबर ठगो की सहायता करना भी सामने आया है, जिसके संबध मे विस्तृत जांच की जायेगी।
वारदात का तरीका
साइबर ठग गिरोह के सदस्य भारत सरकार के उद्यम पोर्टल पर फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन करवा कर भोले भाले तथा नशेड़ी प्रवृति के लोगो को बहला-फुसला कर या चंद रूपयो का प्रलोभन देकर उनके डॉक्यूमेंट से विभिन्न बैंकों में बैंक खाते खुलवाकर बैंक की पास बुक, एटीएम, चैक बुक, सिम कार्ड व हस्ताक्षर किये चेक अपने पास रख लेते थे। फिर उन बैंक खातों में साइबर ठगी की राशि आने पर हस्ताक्षर युक्त चेक से निकाल लेते है।
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