प्रभु भक्ति से ही होता मोक्ष का मार्ग प्रशस्त : आचार्य चैत्य सागर
छठे तीर्थंकर भगवान पदमप्रभु के मोक्ष कल्याणक पर श्रद्धा भाव से आचार्य श्रवांग भूषण चैत्य सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं सानिध्य में चढ़ाया निर्वाण लाडू
जयपुर : मानसरोवर स्थित वरुण पथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्रवांग भूषण चैत्य सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं सानिध्य में वार्षिक उत्सव मनाया गया समाज समिति के अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि इस अवसर पर आचार्य चैत्य सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को जीवन में सत्य और अहिसा का पालन करना चाहिए। भगवान पद्मप्रभु हमारे लिए पुरुषार्थ जागृति के प्रेरणास्त्रोत बने। सभी को उनके अपनाए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज ने मानसरोवर के सभी भक्तो को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा की प्रभु भक्ति से ही होता मोक्ष का मार्ग प्रशस्त जैन धर्म के छठे तीर्थंकर पद्मप्रभु भगवान के मोक्ष कल्याण के अवसर पर आए सभी भव्य जीवो का मंगल होना निश्चित है क्योंकि तीर्थंकरों के मुख्य कल्याण के अवसर पर भव्य जीव ही निर्माण कांड के साथ मोक्ष रूपी निर्वाण लाडू अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं ।
प्रचार संयोजक विनेश सोगानी ने बताया कि कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत अध्यक्ष एमपी जैन, मंत्री ज्ञान बिलाला कोषाध्यक्ष कैलाश सेठी ,राजेंद्र सोनी, विनेश सोगानी, मुकेश कासलीवाल, अनिल जैन सोडा, अनिल दीवान, गिरीश जैन, पदमचंद जैन भरतपुर, अजीत जैन बी ओ बी,चंद्रकांता छाबड़ा, सुशील टोंग्या ,अंजू जैन, प्रीति सोगानी, अर्चना सोनी, सुधा बिलाला, उषा झांझरी द्वारा किया गया ।
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