जेकेके में नृत्योत्सव बसंत बहार शुरू, नृत्यांगनाओं ने बिखेरे वासंती रंग

जयपुर । जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में बसंत ऋतु के आगमन को लेकर हो रहे नृत्योत्सव बसंत बहार का आगाज़ मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम में अदिति शर्मा ने कथक और रीला होता व समूह कलाकारों ने ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति से वासंती रंग बिखेरे। बसंत बहार उत्सव के दूसरे दिन बुधवार को शाम 6 बजे डॉ. तरुणा जांगिड़ एवं समूह कथक और शान्तनु शर्मा एवं समूह के कलाकार भरतनाट्यम एवं कथक संयोजन की प्रस्तुति देंगे।
नृत्यांगना अदिति ने रचना विघ्न हरण गौरी के नंदन...पर गणेश स्तुति की भ्भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके बाद आकर्षक फुटवर्क और आंगिक भंगिमाओं के बेहतरीन संयोजन में जयपुर घराने का शुद्ध पारंपरिक कथक की लालित्यपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने ठाट, आमद, कवित्त, चक्करदार परण के अलावा तीन ताल में पारंपरिक कथक का सलोनापन दर्शाया। अंत में राग बसंत में बसंत ऋतु पर आधारित रचना... पर कथक नृत्य के नयनाभिराम प्रदर्शन से अपने कार्यक्रम को विराम दिया।
सितार पर हरिहरशरण भट्ट, गायन में मुन्नालाल भाट, और तबले पर मुजफ्फर रहमान और पढ़ंत पर कथक गुरु किरण मंजरी रहीं। कलाकार रीला होता व साथी कलाकारों ने आंगिक मुद्राओं और नृत्याभिनय से ओडिसी नृत्य का सौन्दर्य छलकाया। इस कलाकार ने प्रारंभ में मंगलाचरण करते हुए अग्नि, जल और परमात्मा की स्तुति की। इसके बाद महिलाओं का सम्मान और परिवार में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। रीला होता के साथ, सचिकांत प्रधान, किरण माझी और शोशन्ना शुभदर्शिनी ने संन्यास आश्रम पर आधारित प्रस्तुति में मोक्ष की प्राप्ति के लिए किए यत्न का प्रदर्शन किया।
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