अभिमान से उपजा क्रोध, जीवन का सबसे बड़ा शत्रु : आचार्य इन्द्र नन्दी
भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में जयधोष के साथ समर्पित किए गए श्री फल

निवाई : श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में आयोजित 16 दिवसीय भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में आचार्य इन्द्र नन्दी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव का प्रबल शत्रु क्रोध है यदि किसी को बात बात पर क्रोध आता है तो यह समझ लेना चाहिए कि उसने पग पग पर अपने शत्रुओं को तैयार कर लिया है।
आचार्य इन्द्र नन्दी महाराज शनिवार को श्रद्धालुओं को सम्बोधन में कहा कि क्रोध के सदृश्य दूसरा कोई पाप नहीं है। क्रोध के आवेग में आकर प्राणी अपने और पराए के प्राणों का घात करने के लिए तैयार हो जाता है। उन्होंने कहा कि क्रोध के आने में भी कारण उसका अभिमान रहता है अभिमान के कारण क्रोध पुष्ट होता है। क्रोध का त्याग नहीं किया जा सकता इसे रोका भी नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि अपने उत्थान के साथ वात्सल्य प्रेम व संगठन के सूत्रों को जौड़ने के लिए हमें क्रोध से हटने की आवश्यकता है।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान में समाजसेवी लाड़ देवी जैन गोपाल जैन शंभु कठमाणा संजू ललवाडी़ रानी जैन मीना कठमाणा श्रुति जैन अक्षी कठमाणा अविनाश जैन आशु जैन शुभम जैन ऋषभ जैन नीलम जैन नेनिका जैन दीपा कठमाणा सुरेन्द्र कुमार जैन ने 3 काव्यों की संगीतमय पूजा अर्चना कर पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री द्वारा मण्डल विधान में श्री फल अर्ध्य चडा़कर पुण्यारजन किया।
श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ जी के समक्ष दीप प्रज्जवलित एवं अभिषेक शांतिधारा करके भक्तामर महामण्डल अनुष्ठान की पूजा अर्चना संगीत के साथ की। जिसमें सैकड़ों इन्द्र इन्द्राणियो ने भक्ति के साथ पूजा आराधना की।
मीडिया संयोजक विमल जौंला एवं हितेश छाबड़ा ने बताया कि रविवार को अनुष्ठान में आचार्य श्री इन्द्र नन्दी महाराज को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य लाड़देवी जैन एवं गोपाल लाल शंभु कठमाणा को मिला। इस अवसर पर पिंकी कठमाणा शकुंतला छाबड़ा कविता भाणजा यामिनी छाबड़ा अन्तिमा जैन नीरु जैन सुनीता जैन मुन्नी देवी सोगरितु जैन रामपाल चंवरिया विष्णु बोहरा महेन्द्र चंवरिया विमल जैन जीतू जैन नरेश जैन अशोक जैन प्रेमचंद जैन सहित अनेक लोग मौजूद थे।
What's Your Reaction?






