शांति और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण ही लोकतंत्र का बड़ा आधार- राज्यपाल

लोकतंत्र संवाद और लोगों में विश्वास पैदा करने से संपन्न होता है सबके लिए न्याय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर "भारतीय युवा संसद" का 31 वाँ अधिवेशन आयोजित

Sep 16, 2026 - 11:44
 0  0
शांति और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण ही लोकतंत्र का बड़ा आधार- राज्यपाल
शांति और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण ही लोकतंत्र का बड़ा आधार- राज्यपाल

जयपुर, 15 सितम्बर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सबके लिए न्याय, शांति, विकास और मानवाधिकारों के प्रति समर्पित होकर कार्य करना ही लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार है। लोकतंत्र का अर्थ ही है, विकास में सभी नागरिकों की समान भागीदारी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से सम्पन्न होता है। संवाद से सुसंवाद और सुसंवाद से मैत्री के रास्ते निकलते हैं। उन्होंने भारत को विश्व का सबसे युवा राष्ट्र बताते हुए कहा कि युवा ही भारत की शान है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में युवाओं को सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बागडे मंगलवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित "भारतीय युवा संसद" कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना है तो हमें न्याय नीति से चलना होगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अच्छी बातों को आत्मसात करें, यही जीवन भर काम आएगी। अच्छी बातों को ग्रहण करने से विवेक जागृत होता है। विवेक से ही समाज में प्रतिष्ठा बनती है।

राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजों ने 1921 में दिल्ली में 80 लाख व्यय कर हमारे पुराने संसद भवन का निर्माण प्रारंभ किया और छह साल में इसे पूरा किया। इससे पहले अंग्रेज राइटर हाउस, कलकता से सारे आदेश निकलते थे। यह निर्माण सौ साल को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसीलिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सुनियोजित रूप में विचार कर देश के लिए नए संसद भवन का निर्माण करवाया। संसद केवल निर्मित भवन नहीं लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है। संविधान वहां का देवता है। यह भावना जिसके मन में रहेगी वह कभी संसद में असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने युवाओं को संसदीय लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य करने पर जोर दिया।

बागडे ने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास अर्जित करना जरूरी है। विश्वास के साथ लोकतंत्र में समझदारी होना जरूरी है। समझदारी ही सबसे बड़ा सदगुण है। उन्होंने युवाओं को इन सबको आत्मसात करने का आह्वान किया।

इससे पहले गुजरात सरकार में राज्य मंत्री श्रीमती रिवाबा जाडेजा ने लोकतंत्र में साझा समझ विकसित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को युवा धन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी से देश तेजी से आगे बढ़ेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)