लाखों हैं यहां दिल वाले...समेत अनेक गीतों ने दिलों को छूआ
गूंजे ओपी नय्यर के संगीतबद्ध तराने

जयपुर । संगीत आश्रम संस्थान की ओर से चल रहे दो दिवसीय संगीत समारोह के आखिरी दिन शुक्रवार को शास्त्रीनगर स्थित संस्थान परिसर बॉलीवुड के लेजेण्डरी संगीत निर्देशक ओपी नय्यर के संगीतबद्ध सदाबहार गीतों से गूंज उठा।
सांस्कृति कार्यक्रम में संस्थान के अनेक बाल व युवा कलाकारों ने अपनी पुरकशिश आवाज में ओपी नय्यर के संगीतबद्ध गीतों की माला पिरोकर संगीत की मेलॉडी से श्रोताओं के दिलों को छू लिया।
संगीत निर्देशक वत्सल अनुपम के निर्देशन में सजे कार्यक्रम में कलाकार गर्विता मंगल ने इशारों इशारों में..., तन्विका दीक्षित ने आइए मेहराबा..., रियाशीं अग्रवाल ने जाने कहां मेरा जिगर..., वनिता हीरानी ने जाता कहां है..., अंजलि शर्मा ने ठंडी हवा काली घटा..., साधना रावल ने यही वो जगह है..., रजनी कुमावत ने चल अकेला..., हिमांशु वर्मा ने लाखों हैं यहां दिल वाले..., कशिश कंवर ने चैन से हमको..., पुष्पेन्द्रसिंह ने लाखों है निगाह में..., लक्ष्य शर्मा ने पुकारता चला हूं..., वरुण जांगिड़ ने आंचल में सजा..., सुमित्रा अग्रवाल व ममता शर्मा ने जाइए आप कहां जाएंगे..., निहाल कुमावत ने उड़े जब जब जुल्फे... जैसे गीतों की सुरीली प्रस्तुति दी।
इसी प्रकार जीनस कंवर ने दिल की आवाज भी सुन..., गुलाम हाशिम ने अंधेरे में जो..., भूमिका व भावना ने कजरा मुहब्बत वाला, मिंटु मंडल ने इक परदेसी मेरा...सरीखे गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विमर्श स्वामी, पीडी गुप्ता, हरिराम, राशिका कंवर, आरना, रुद्राक्ष, विरेन्द्र सिंह, सौरभ, जगदीश जीनगर, विमला शर्मा और गर्विता मंगल ने भी ओपी नय्यर के सदाबहार गीतों की खुशबू बिखेरी। अकॉर्डियन पर सुलेमान, गिटार पर वत्सल अनुपम, हारमोनियम पर हरीश नागौरी ने संगत की। संचालन वीना अनुपम ने किया। अंत में संस्थान सचिव अमित अनुपम ने सभी आगन्तुकों का आभार जताया।
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