कलाकारों ने दर्शाया आकर्षक फुटवर्क और आंगिक भंगिमाओं से कथक का सौन्दर्य
जयपुर । संगीत आश्रम संस्थान के दो दिवसीय संगीत समारोह की शुरुआत गुरुवार को यहां शास्त्रीनगर स्थित संस्थान परिसर में शास्त्रीय नृत्य संध्या से हुई। कार्यक्रम में संस्थान की करीब 18 से अधिक बाल व युवा कलाकारों ने आकर्षक फुटवर्क और आंगिक भंगिमाओं से जयपुर घराने के शुद्ध पारंपरिक कथक का सौन्दर्य छलकाया।
कथक गुरु संजीव कुमावत व पूर्णिमा अरोड़ा के निर्देशन में कलाकार वाणी, हिनायशा, दजशी, समृद्धि, दीपशिखा, निविका, हिनाया और अभिग्ना ने तीन ताल में रंगमंच प्रणाम, ठाट, आमद, परम आमद, तिहाई और कवित्त की प्रस्तुति में तैयारी पक्ष का खूबसूरत प्रदर्शन कर दर्शकों की तालियां बंटोरी। इसी प्रकार कलाकार नित्या अग्रवाल और खुशाली शर्मा ने चौताल मात्रा में रंगमंच प्रणाम,चक्करदार परन, सादा तोड़ा और तत्कार की प्रस्तुति में कथक का सलोनापन दर्शाया। कार्यक्रम में कलाकार परि बत्ता और रिद्म जायसवाल ने झपताल में ठाट, आमद, मटकी एवं व मुरली रचना पर गत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके अलावा कलाकार पल्लवी, भुविका व काश्वी, घनिष्ठा, रुद्राक्षी, डेलिशा ने तीन ताल में जयपुर घराने की लालित्यपूर्ण प्रस्तुति दी। तबले पर दिलशाद खान और हारमोनियम पर वत्सल अनुपम ने प्रभावी संगत की। संचालन वीना अनुपम ने किया।
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