1000 किलोमीटर दूर दमन में छिपा एमडी तस्करी का सरगना दबोचा

ऑपरेशन ‘रानीरोना’: 25 हजार रुपये का इनामी रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई एक साल से था फरार; नागौर में एमडी की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने के बाद जयपुर, मनाली और दमन में बदलता रहा ठिकाने

Sep 10, 2026 - 20:23
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1000 किलोमीटर दूर दमन में छिपा एमडी तस्करी का सरगना दबोचा

जयपुर । नशे के सौदागरों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) राजस्थान ने ‘ऑपरेशन रानीरोना’ चलाकर एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी एमडी तस्कर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई को केन्द्र शासित प्रदेश दमन से गिरफ्तार किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए एएनटीएफ टीम ने जयपुर से करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय कर दमन पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
      महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में की गई। आरोपी रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई पुत्र भींयाराम विश्नोई, उम्र 32 वर्ष, निवासी रोटू, तहसील जायल, जिला नागौर, के खिलाफ चूरू पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
100 ग्राम से शुरुआत, नागौर में बन गया एमडी का बड़ा सप्लायर
तस्कर रामनिवास वर्ष 2011 में 12वीं कक्षा पास करने के बाद मुंबई में एक कोरियर कंपनी में नौकरी करने लगा था। इसी दौरान हाईप्रोफाइल सोसायटी के नशा करने वाले लोगों के संपर्क में आने से उसे एमडी के सेवन और कारोबार की जानकारी हुई। धीरे-धीरे वह खुद एमडी का सेवन करने लगा और बाद में मुंबई में एमडी बेचने वाले लोगों के संपर्क में आकर इसकी खरीद-फरोख्त शुरू कर दी।
    शुरुआत में वह करीब 100 ग्राम एमडी खरीदकर बेचता था। बाद में नागौर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई शुरू की और मांग बढ़ने पर 500 से 700 ग्राम तक एमडी की सप्लाई करने लगा। मुंबई के तस्करों से संपर्क बढ़ने के बाद वह नागौर क्षेत्र में एमडी का बड़ा सप्लायर बन गया।
एक किलो पर करीब 2 लाख रुपये का मुनाफा
आरोपी रामनिवास मुंबई से करीब 8 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से एमडी खरीदता था और नागौर क्षेत्र में अपने तय ग्राहकों को करीब 10 लाख रुपये प्रति किलो तक में बेचता था। इस तरह उसे प्रति किलो करीब 2 लाख रुपये का मुनाफा होता था। वह ट्रेन और बस के जरिए मुंबई से एमडी लाकर नागौर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करता था तथा महीने में करीब दो चक्कर लगाता था।
नशे की काली कमाई से बनाया आर्थिक साम्राज्य
जांच में यह भी सामने आया कि एमडी की तस्करी से अर्जित रकम से रामनिवास ने बड़ा मकान बनवाया, गाड़ियां खरीदीं, पुराना कर्ज चुकाया और पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदे। नागौर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान पर भी कार्रवाई की। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल उसकी दो कारों को सीज किया गया।
साथी तस्कर पकड़ा गया तो खुला रामनिवास का राज
रामनिवास की फरारी का सिलसिला उस समय शुरू हुआ जब रतनगढ़ पुलिस ने एमडी की सप्लाई करने जा रहे नरसीराम सहित चार लोगों को पकड़ा। पूछताछ में नरसीराम ने पुलिस को बताया कि वह रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई का स्थायी ग्राहक था और उससे एमडी खरीदकर ले जाता था। इसके बाद संबंधित एनडीपीएस प्रकरण में रामनिवास का नाम सामने आया और वह फरार हो गया।
    फरार होने के बाद चूरू पुलिस ने 24 फरवरी 2026 को रामनिवास पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस से बचने के लिए उसने पहले गांव और आसपास के जंगलों तथा खेतों में ठिकाने बदले और बाद में जयपुर पहुंच गया। जयपुर में उसने मुहाना मंडी स्थित अर्बन ज्वैल्स के एक फ्लैट में करीब 10 माह तक फरारी काटी।
फरारी में भी नहीं छोड़ा एमडी का कारोबार
फरारी के दौरान भी रामनिवास ने एमडी का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं किया। वह जयपुर में रहकर अपने तस्कर साथियों के संपर्क में रहा और एमडी की सप्लाई करता रहा। इस दौरान माल की सप्लाई के सिलसिले में उसके मनाली और दमन तक जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जायल में पुलिस की नाकाबंदी से बच निकला था
27 अगस्त 2026 को एमडी की एक बड़ी खेप जयपुर ले जाने के दौरान जायल में पुलिस की नाकाबंदी हुई। रामनिवास एमडी से भरी गाड़ी को दूसरी कार से एस्कॉर्ट कर रहा था। नाकाबंदी के दौरान वह मौके से फरार हो गया, जबकि उसके साथी तस्कर का नाबालिग भतीजा पकड़ा गया। कार की तलाशी में 5.400 किलोग्राम एमडी बरामद हुई।
    इस संबंध में जायल थाने में प्रकरण दर्ज हुआ, जिसमें रामनिवास भी वांछित था। इसके बाद वह तस्कर साथियों के साथ मनाली और अंबाला गया तथा कुछ समय जयपुर में रुकने के बाद दमन पहुंचकर अपने मामा के यहां छिप गया।
ठिकाने बदलता रहा, एएनटीएफ पीछा करती रही
एएनटीएफ टीम अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई नेटवर्क के संबंध में लगातार आसूचना संकलित कर रही थी। इसी दौरान टीम को रामनिवास की गतिविधियों और संभावित ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पहले उसके गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलता रहा।
   रामनिवास गांव से निकलकर जयपुर, मनाली, आगरा-मध्यप्रदेश होते हुए दमन पहुंचा और वहां अपने मामा के किराये के कमरे में छिपकर फरारी काटने लगा।
कई रातों का सफर कर दमन पहुंची एएनटीएफ टीम
रामनिवास के दमन में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एएनटीएफ टीम ने उसके मामा के ठिकाने की जानकारी जुटाई। टीम ने कई रातों तक ट्रेन से सफर कर दमन पहुंचकर स्थानीय स्तर पर जानकारी विकसित की। काफी प्रयासों के बाद टीम ने उसके मामा द्वारा किराये पर लिए गए कमरे का पता लगाया।
    इसके बाद एएनटीएफ टीम ने योजनाबद्ध तरीके से वहां दबिश दी और मामा के किराये के कमरे से रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई को दबोच लिया।
रक्षाबंधन पर जयपुर आ रही एमडी की बड़ी खेप से भी जुड़ा था नाम
रक्षाबंधन के अवसर पर जयपुर में खपाने के लिए भेजी जा रही एमडी की बड़ी खेप के पीछे भी रामनिवास की अहम भूमिका सामने आई है। जायल में पुलिस द्वारा पकड़ी गई 5.400 किलोग्राम एमडी की खेप के मामले में रामनिवास का नाम सामने आया और वह वांछित चल रहा था।
एएनटीएफ टीम को किया जाएगा सम्मानित
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि रामनिवास की गिरफ्तारी में एएनटीएफ टीमों की विशेष भूमिका रही। कार्रवाई में शामिल समस्त टीमों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
     उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी अपराधी या मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित कोई भी सूचना एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष के 0141-2502877 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।

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SJK News Chief Editor (SJK News)