मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के जयपुर परिसर का किया निरीक्षण
शैक्षणिक सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया
जयपुर । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जयपुर के प्रताप नगर में स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के अस्थाई परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों के साथ समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्थाई परिसर में विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध कार्य के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने चाहिए ताकि अकादमिक सत्र बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।
वी. श्रीनिवास ने प्रताप नगर स्थित इस अस्थाई परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में दक्ष विशेषज्ञों की मांग को देखते हुए इस संस्थान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। फॉरेंसिक विज्ञान में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। फोरेंसिक विज्ञान से आपराधिक जांच, साइबर सुरक्षा, अपराधियों की पहचान करने, साक्ष्य एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन और इसके स्थाई परिसर के निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर आत्माराम सावंत, राजस्थान आवासन मंडल के आयुक्त अरविंद कुमार पोसवाल, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की प्रोफेसर राखी अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। एनएफएसयू के निदेशक प्रोफेसर एस. ओ.जुनारे, कार्यकारिणी कुल सचिव सी.डी.जुनेजा, अकादमिक निदेशक प्रोफेसर पूर्वी पोखरियाल, प्रशिक्षण एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध के निदेशक प्रोफेसर नवीन कुमार चौधरी वीसी के माध्यम से जुड़े।
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